सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि यह अधिनियम धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है, विदेशी आक्रांताओं की इमारतों को वैधता देता है।
उनके नियम कहते हैं कि काफिर स्त्रियों को उठाकर संपत्ति की तरह बाँटो और बलात्कार करो। बच्चों को उठाकर ले जाने, खतना करने और गुलाम बनाने की बातें करते हैं।