सोशल मीडिया के जरिए एक बार फिर भारतीय सेना और सुरक्षाबलों की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से एक फर्जी नैरेटिव रचने का प्रयास किया जा रहा है कि बशीर अहमद की मृत्यु CRPF की गोली लगने से हुई।
इम्तियाज हुसैन ने एक आतंकी घटना का जिक्र करते हुए बताया है लोगों ने उनके परिवार को यह कहने के लिए मजबूर किया था कि उनकी चचेरी बहन BSF द्वारा मारी गई थी, ना की आतंकियों के हमले से।
राफिया नाज ने कहा कि वो डेढ़ घंटे तक गेट के बाहर खड़ी रही, लेकिन महिला सुरक्षा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली झारखंड सरकार के राज में उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।
जाकिर नाइक ने कुवैत के एक वकील को सुझाव दिया है कि वह भारत के उन गैर-मुस्लिमों को खाड़ी देश आने पर जेल भेजने का प्रबंध करे जो इस्लाम पर टिप्पणी करते हैं। नाइक का यह वीडियो ट्विटर पर वायरल हो रहा है।