साल 2015 में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने इस केस की कमान CBI को सौंप दी थी। ऐसा करने के पीछे तर्क यह दिया गया था कि फारूक अब्दुल्ला का राज्य में काफ़ी दबदबा था और ऐसी संभावना थी कि राज्य पुलिस को इस मामले की जाँच में परेशानी हो सकती थी।
जब CRPF द्वारा हाईवे का निरीक्षण किया गया तो उस दौरान CRPF के डॉग स्क्वाड के एजॉक्सी ने मलबे में संदिग्ध वस्तु होने के संकेत दिए। सीआरपीएफ ने जब मलबा हटाया तो उसमे एक युवक दबा मिला। जिसे तत्काल सीआरपीएफ ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुँचाया।
सेना ने अपने ट्वीट के जरिए जैश के टॉप कमांडर फ़याज़ पंजू और उसके साथी शानू शौकत के मारे जाने की सूचना दी है। सेना ने अपने ट्वीट में लीडरलेस जैश का दावा किया है।
फारूक अब्दुल्ला ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात का वक्त माँगा है। महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 35A की रक्षा के लिए अपने धुर राजनीतिक विरोधी फारूक अब्दुल्ला से साथ देने का आग्रह किया है। घाटी में अफवाह फैली रही है कि...
गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए निर्देश में राज्य के सभी जिले के पुलिस अधिकारियों को घाटी में मौजूद मस्जिदों से जुड़ी जानकारियाँ, उनकी लोकेशन, उनके प्रशासन, उनकी फंडिंग आदि की जानकारी भेजने के आदेश दिए गए हैं।
"हमारे पास जो कुछ भी है, उसे बचाने के लिए हमें कश्मीरियों की जरूरत है, हमारा अपना संविधान है, हमारे पास एक ऐसा दर्जा है जो बाहर के लोगों को यहाँ संपत्ति खरीदने की अनुमति नहीं देता है। आज घाटी में जो हालात हैं, वे डरावने हैं, जम्मू कश्मीर बैंक खत्म हो चुका है और धीरे-धीरे वे सब कुछ खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।"
"मैंने जो कुछ भी कहा, वह यहाँ लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार की वजह से आई हताशा और गुस्से में कहा। गवर्नर के रूप में मुझे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था, लेकिन मेरी निजी सोच वही है, जो मैंने कहा। बहुत-से राजनेता और बड़े नौकरशाह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।"
NIA का दावा है कि भट के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से बेहद करीबी संबंध थे और उसने अपने अखबार में लिखने के लिए कई जिहादी पत्रकारों को भी नौकरी पर रखा हुआ है। उनमें से कुछ पत्रकार अब कथित रुप से कश्मीर के प्रेस क्लब के कार्यकारी सदस्य हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी बसीर अहमद को गिरफ्तार किया है। इस आतंकी पर ₹2 लाख का इनाम था। मुखबिर की सूचना पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से...
अलगाववादियों ने यह बंद वर्ष 1931 में 13 जुलाई को श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके में मारे गए करीब 22 लोगों के विरोध में किया है। अलगाववादी हर साल 13 जुलाई को शहीद दिवस के तौर पर मनाते हैं।