जम्मू-कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी सहित गिरफ्तार अलगाववादी नेताओं ने 2017 के जम्मू-कश्मीर आतंकी फंडिंग मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। आसिया अंद्राबी ने कबूल किया कि वो विदेशी स्रोतों से फंड लेती थी और इसके एवज में...
ये वही सज्जाद भट्ट है, जिसकी कार 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में इस्तेमाल हुई थी। आत्मघाती हमलावर आदिल डार को कार देने के बाद सज्जाद भट खुद भी जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया था।
परवेज के कारनामे परिवारवाद को बढ़ाने तक सीमित नहीं रहे। बैंक में चेयरमैन बनने के बाद परवेज ने बैंक की कई शाखाओं की आंतरिक साज-सज्जा सुधारने के लिए 50 लाख से डेढ़ करोड़ रुपए जारी किए थे जबकि खबरों की माने तो इस काम में सिर्फ़ इस रकम का 30 फीसद खर्चा आया था।
परवेज अहमद को पद से हटाए जाने के बाद आज स्टेट विजिलेंस की टीम ने जम्मू कश्मीर बैंक के श्रीनगर स्थित हेडक्वार्टर पर छापेमारी शुरू कर दी, जो फिलहाल बैंक के कागजात की छानबीन कर रही है। संभावना जताई जा रही हैं कि भ्रष्टाचार और भर्तियों में धाँधली के आरोप में पूर्व चेयरमैन परवेज़ अहमद को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
लगभग एक हफ़्ते की यात्रा में यह सभी यात्रीगण राज्यपाल सत्यपाल मलिक के ख़ास मेहमान होंगे। सुरक्षा की बात की जाए तो छ: वॉल्वो बसों में यात्रियों की सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है कि लश्कर के दोनों आतंकी एक और शख्स के साथ खड़े हैं। तीसरा शख्स शायद मस्जिद का इमाम हो सकता है।
यह वीडियो राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति चिंतित किसी भी सच्चे नागरिक को परेशान कर सकता है। क्योंकि, कश्मीर में बेशक आतंकी गतिविधियाँ वर्षों से संरक्षण पाती आ रही हों लेकिन पाकिस्तान की तरह खुलेआम आतंक और जिहाद के नाम पर उकसाते और चंदा इकठ्ठा करते आतंकी आने वाले किसी बड़े खतरे की आहट हैं।
अलगाववादी समूह की संस्थापक आसिया भारत से कश्मीर के अलगाव के लिए काम कर रही हैं। आसिया को राष्ट्र के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने के मामले में पिछले वर्ष जुलाई में गिरफ्तार भी किया जा चुका है।