कश्मीर में आतकंवाद और अलगाववाद की जननी और पोषक कही जाने वाले प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के चार पूर्व नेताओं ने चुनावी दंगल में उतरते हुए बतौर निर्दलीय अपना-अपना नामांकन जमा कराया।
शगुन को किश्तवाड़ा से भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। वो भाजपा द्वारा जारी पहली लिस्ट में एकलौती महिला कैंडिडेट हैं। उनके पिता और चाचा को आतंकियों ने मार डाला था।
सुनील कुमार का चेहरा इस फिल्म में इस्तेमाल ही नहीं किया गया, जिसकी वजह से इनके चेहरे को वो चर्चा नहीं मिली, जो इनके भीमकाय शरीर की वजह से इन्हें मिल रही है।