हलाल अर्थव्यवस्था अब केवल मांस तक ही सीमित नहीं है। फार्मास्युटिकल, पर्सनल केयर प्रॉडक्ट, सौंदर्य प्रसाधन और यहाँ तक कि आटा, सभी अब हलाल प्रमाणन के साथ आते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के डायटरी प्लान के मुताबिक, उन्हें किसी भी रूप में पोर्क या बीफ खाने में नहीं दिया जाएगा। साथ ही जो भी मांस दिए जाएँगे, वो 'हलाल' होंगे।
भाटिया ने अपने ट्विटर से सवाल किया है कि क्या नियम भेदभाव करने वाला नहीं है। उनका क्या जो विमान में झटका मीट खाना चाहते हैं? दूसरे की भावनाओं का सम्मान क्यों नहीं किया जा रहा है?