उन्नाव बलात्कार मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए कहा कि इससे संबंधित सभी केस दिल्ली ट्रांसफर हों। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान कोर्ट में CBI के ऑफ़िसर को उपस्थित रहने के लिए भी कहा, जो इस बात की जानकारी देंगे कि इस मामले की जाँच में अब तक क्या हुआ।
शगुफ्ता का कहना है कि इस मामले में न्यायालय में प्रताड़ना का मुकदमा चला। इसमें कोर्ट ने पीड़ित महिला को गुजाराभत्ता के रूप में 2000 रुपए महीना देने के लिए निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश के बाद भी आजतक उसके शौहर ने उसे कुछ नहीं दिया और न ही वह उससे मिलता है।
तुम्हारी लड़ाई वो 49 लोग क्यों लड़ेंगे जिनका अजेंडा ही तुम्हारी सरकार को कमजोर करना है। उनके पास लिखने और बोलने का सामर्थ्य है, क्या तुम्हारे पास वो सामर्थ्य नहीं? अगर है तो वो दिखता क्यों नहीं?
यह बिल भाजपा और मोदी का संदेश था- समर्थकों और विरोधियों दोनों के लिए। दोनों को ही समान संदेश- सरकार राज्यसभा में बहुमत में भले न हो, लेकिन जो उसे करना है, जिसे वह उचित समझती है, उसे वह करके रहेगी।
जब सरकार संवैधानिक दायरे में रह कर, तय तरीके से, तय समय में, वोटिंग के जरिए बिल पास करा रही है तो एक हिस्से को इससे समस्या क्या है? डेरेक की आपत्ति का मूल बेहद खोखला है। उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या किसी तरह का कोई गलत बिल पास हुआ है?
"इस्लाम यहूदियों के ख़िलाफ़ अपने शुरुआती दौर से संघर्ष कर रहा है। यहाँ उन्होंने भीड़ को जोर से 'अल्लाह-हू-अकबर' चिल्लाने को भा कहा, ताकि उसकी आवाजें अमेरिका और इजराइल तक पहुँच सके।"
"मुझे ब्रिटिश लोगों से कोई रंजिश नहीं है। मेरे तो भारत की अपेक्षा ज्यादा अंग्रेज़ मित्र यहाँ हैं। मुझे इंग्लैंड के मज़दूरों से सहानुभूति है। मैं इस साम्राज्यवादी सरकार के ख़िलाफ़ हूँ।"
सेना ने अपने ट्वीट के जरिए जैश के टॉप कमांडर फ़याज़ पंजू और उसके साथी शानू शौकत के मारे जाने की सूचना दी है। सेना ने अपने ट्वीट में लीडरलेस जैश का दावा किया है।
मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति दिलाने के मकसद से राज्यसभा में पेश विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए विभिन्न दलों के सदस्यों ने इसे अपराध की श्रेणी में डालने के प्रावधान पर आपत्ति भी जताई और कहा कि इससे पूरा परिवार प्रभावित होगा।
इस चिट्ठी में पीड़िता की माँ ने लिखा था कि 7 जुलाई 2019 को आरोपित शशि सिंह के पुत्र नवीन सिंह, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सिंह सेंगर, कुन्नू मिश्रा और दो अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके घर आकर सुलह न करने की स्थिति में उन्हें फर्जी मुकदमे में फँसाकर सभी को जेल भेजने की धमकी भी दी गई थी।