भारत की पत्रकारिता में यह रवीश का सबसे बड़ा योगदान है। अच्छी योजनाओं और सरकारी कार्यों में भी, खोज-खोज कर कमियाँ बताई जाने लगी हैं। देखा-देखी बाकी वामपंथी एंकरों और पुराने चावल पत्रकारों ने भी, अपनी गिरती लोकप्रियता बनाए रखने के लिए, अपने दैनिक शौच से पहले और फेफड़ों से चढ़ते हर खखार (हिन्दी में बलगम) के बाद, मोदी और सरकार को गरियाना अपना परम कर्तव्य बना लिया है।
NDTV और द वायर जैसे ही मीडिया गैंग अयोध्या में जारी व्यवस्थाओं को लेकर लगातार ही भ्रामक खबरें दे रहे हैं। NDTV का अपनी रिपोर्ट में कहना है कि वहाँ पर आने वाले दिनों में बहुत सरे लोग जमा होने जा रहे हैं लेकिन इंतजाम ठीक नहीं किए जा रहे हैं।
5 राफेल भारतीय सरजमीं पर उतरे लेकिन जिस व्यक्ति ने इसे संभव बनाया, उसे याद कीजिए। और जिसने उस महामानव का बीमारी के दिनों में झूठ बोल कर अपमान किया था, उसे भी याद कीजिए।
बाबरी विध्वंस के बाद UP के तत्कालीन CM कल्याण सिंह ने कहा था कि उन्हें सूचना दी गई कि कारसेवक बाबरी पर चढ़ गए हैं, लेकिन उन्होंने गोली चलाने के आदेश नहीं दिए।