कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत द्वारा दायर इस PIL में कहा गया है कि 'अनलॉक 2.0' के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए 300 लोग राम मंदिर भूमि पूजन में शामिल होंगे।
कोर्ट के फैसले से निराश राजदीप सरदेसाई ने अपने मन की भड़ास ट्विटर पर निकाली। उन्होंने ट्वीट कर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अरुण मिश्रा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की।
तहरीर में बाबा के साथ हुई बदसलूकी का उल्लेख किया गया और आरोपितों में गाँव में रहने वाले बनी पुत्र असगर, इरफान, अंसार, आजाद, इब्राहिम, मो रफीक आदि दबंगों का नाम लिखवाया।
इतना सब होने के बावजूद भी बरखा दत्त और उनकी लॉबी के ये लोग मानने को तैयार नहीं हैं कि उनसे कोई गलती हुई है। साल 2004 में भले ही कोई बरखा या एनडीटीवी से जवाब माँगने वाला नहीं था। लेकिन अब.........