1983 में असम में हुए 3 महीने के हिंसक आंदोलन के पीछे तिवारी रिपोर्ट में आसु और एजेएसपी को जिम्मेदार ठहराया है। हालाँकि मूल वजह असमियों के मन में बैठ गया 'भय' था।
पाकिस्तान से लेकर भारत में बैठे वामपंथी और कथित लिबरल्स के गुट को राम मंदिर में धर्म ध्वज की स्थापना से मिर्ची लग गई है। वो इसके बहाने प्रधानमंत्री मोदी तक को घेरने की कोशिश में लगे हैं।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने के पोस्टर लगे हैं। वहीं, हिंदू महासभा ने मस्जिद बनवाने का ऐलान करने वाले MLA हुमायूँ कबीर की कब्र खोदी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान दिवस पर खुला खत लिखा है। उन्होंने लिखा कि ये भारत के संविधान की ही शक्ति है जिसने मुझ जैसे गरीब परिवार से निकले साधारण व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर पहुँचाया है।