"जब तुम अपने लोकतंत्र को अजायबघर (म्यूजियम) में तब्दील कर फुरसत पा लो तो दुनिया के और भी पुराने पार्लियामेंट हाउस को, जैसे वेस्टमिंस्टर को गौमूत्र का अध्य्यन करने वाला संस्थान बनाने या फिर यूएस कैपिटोल को वैदिक काल में उड्डयन संबंधी संग्रहालय बनाने में अपनी सेवा देने के लिए तैयार रहो।"
BJP के दो महासचिव शिवसेना से आखिरी दौर की बातचीत कर चुके। कोई परिणाम नहीं निकला। भाजपा सीएम पद को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता करने को तैयार नहीं है। इसी बीच पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल ने राज्य में दोबारा चुनाव...
मुझे पता है कि पापा कभी-कभी तुम्हें सख्त लगेंगे, लेकिन यह बस इसलिए है क्योंकि वो तुम्हें सबसे बेहतर होते देखना चाहते हैं। तुम्हें ये भी लगता होगा कि मम्मी-पापा तो हमें समझते ही नहीं, लेकिन याद रखना एक परिवार ही है जो हर स्थिति में हमारे साथ खड़ा रहता है, बिना किसी शर्त के। उन्हें भी प्यार करो, उनका सम्मान करो और...
पंजाब-हरियाणा का पानी किसान पी जाता है। दिल्ली में प्रदूषण भी किसान ही फैलाता है। ऐसी दलीलें देकर असली समस्याएँ छिपाई जा रही हैं। अगर आप सोचते हैं कि किसान 14 लाख की मशीन ख़रीद कर कटाई करे तो आपको जमीनी समझ नहीं। सरकारें और एमएनसी के इस जाल के जंजाल को समझिए।
ये चीनी सम्बन्धी उइगर मुस्लिमों के परिवारों को चीन की क्षेत्रीय नीति और चीनी भाषा की शिक्षा देते हैं। वो अपने साथ शराब और सूअर का माँस लाते हैं, और मुस्लिमों को जबरन खिलाते हैं। उइगर मुस्लिम परिवारों को जबरन उन सभी चीजों को खाने बोला जाता है, जिसे इस्लाम में हराम माना गया है।
अख़बार ने 1955-99 का भी दौर याद दिलाया, जब शिवसेना महाराष्ट्र के राजग गठबंधन में 'बड़ा भाई' की भूमिका में थी और बालासाहब ठाकरे ने मातोश्री से रिमोट कण्ट्रोल सरकार चलाई थी। अगर उस समय भाजपा सीएम पद माँगती तो क्या शिवसेना दे देती?
कॉन्ग्रेस कहती है कि वह धार्मिक भावनाओं को तवज्जो नहीं देती। फिर क्या कारण था कि अचानक राजीव गॉंधी हिंदू जनभावना के रथ पर सवार होने को बेचैन हो उठे? इसके लिए वे देवरहा बाबा के पास हाजिरी देने से भी पीछे नहीं हटे।
स्वरा भास्कर ने जिस अंदाज़ में यह सब बातें कही उस अंदाज़ को भले ही दर्शकों ने पसंद किया हो, लेकिन एक बाल कलाकार को इस तरह से संबोधित करके स्वरा ने अपने अभद्र व्यवहार का ही प्रमाण दिया है।
संजय राउत ने दावा किया था कि महाराष्ट्र के हित में कॉन्ग्रेस और एनसीपी का समर्थन शिवसेना को मिल सकता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सोनिया और पवार की मुलाकात में क्या खिचड़ी पकती है।
आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया में देवी-देवताओं पर कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, ज़िला प्रशासन की अनुमति के बिना किसी भी देवता की मूर्ति की स्थापना नहीं होगी।