“ममता राज में सरकारी अधिकारी इस हाल में हैं। बेलडांगा (मुर्शिदाबाद) के विकासखंड अधिकारी सरकारी काम से सिलीगुड़ी गए थे, तब उनके ऑफिस को 10,000 मुस्लिमों की भीड़ ने घेर लिया और आग लगा दी। उनकी पत्नी ने किसी तरह जान बचाई। जब अधिकारियों के ये हाल हैं,तो जनता की बेबसी समझी जा सकती है।”
कुलपति ने मामले की जाँच के लिए एक कमेटी भी बना दी है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि इन दोनों प्रोफ़ेसरों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाएँ। साथ ही छात्रों ने कहा कि उनके विरोध प्रदर्शन के बारे में गलत अफ़वाहें भी उड़ाई जा रहीं हैं।
1991 के प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट के हिसाब से भी इस स्थल का 15 अगस्त, 1947 को मूल स्वरूप हिन्दू मंदिर ही था। इस धार्मिक स्वरूप की तस्दीक करने और ऐतिहासिक परिस्थितियों के साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) से सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है।
मुर्शिदाबाद बांग्लादेश से सटा एक जिला है। जहाँ आज जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। साथ ही पश्चिम बंगाल से पुलिस बल पर पत्थरबाजी और आगजनी की खबर भी आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह टायर जलाकर सड़क जाम किया तो कई जगह सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया।
सीएम अशोक गहलोत के गृह जिले में बच्चियों के साथ हो रहा था अमानवीय व्यवहार। अनजान आदमियों से मिलने के लिए किया जाता था मजबूर। भूखा रखती थी असमां, नहीं देती थी सेनेट्री पैड।
अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर... एक ही झूठ बार-बार। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर J&K हाई कोर्ट के जजों ने जॉंच कर खोल दी पोल। अब सिद्धार्थ वरदराजन को बताना चाहिए जेलों में बंद करीब 150 नाबालिग कहाँ गए? या फिर पाकिस्तान से हुई किस 'डील' के तहत यह झूठ फैलाया गया।
"गाँधी खानदान के सदस्य ने कहा है कि महिलाओं का बलात्कार होना चाहिए। देश में हर कोई बलात्कारी नहीं है। जो बलात्कारी है उसे कानून सजा देता है। हर महिला को कलंकित नहीं किया जा सकता है, इस पर एक्शन लेना चाहिए।"
यकीनन, अफगानिस्तान में तालिबान का प्रभाव पूरी तरह खत्म अब भी नहीं हो पाया है। लेकिन उसके जख्मों पर जोहरा का संगीत मरहम जैसा ही है। दुआ करिए बदलाव की बयार बनी इन बेटियों को फिर से कट्टरपंथियों की नजर न लगे।