"हम संविधान और कानून की इज़्ज़त करते हैं और अदालत के फैसले की तामील करेंगे। जो शांति को भंग करने की कोशिश करेंगे, उन्हें इस्लाम के सच्चे नुमाइंदे नहीं कहा जा सकता है।"
"मैं उनकी भावनाएँ समझ सकता हूँ। कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसे अब वे स्वीकार करेंगे। चाहे फैसला जो भी हो समाज में शांति सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत है।’’
अब इस मामले में आरोपितों के अलावा उनसे जुड़े संदिग्ध लोगों की भी जाँच जारी है। जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का एक पूर्व छात्र भी शामिल है। जो गुजरात का ही निवासी है।
".....बगदादी अपने अंतिम समय में डरपोकों की तरह इधर-उधर भाग रहा था। वो इतना बदहवास हो चुका था कि उसने अंत में एक सुरंग में जाकर अपने तीन बच्चों समेत खुद को विस्फोटक जैकेट से उडा लिया।"
"हमें पता है कि गठबंधन में बने रहना ही बेहतर है और यही राज्य के भी हित में है। जो हम चाहते हैं, वह यह कि हमें सम्मान दिया जाए। हमें इसे ठंडे दिमाग से करना होगा।"
मेरे खुद के मुस्लिम और 'सेक्युलर' थियेटर वाले दोस्त सोशल मीडिया पर वे आर्टिकल भेज रहे हैं, जिनमें मुझे झूठा बताया गया है। वे मुझसे पूछ रहे हैं कि मैंने झूठ क्यों बोला। और यह सब इसलिए हुआ क्योंकि क्विंट ने मेरी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया।
"बगदादी मरा क्योंकि पूरे विश्व के मुस्लिमों ने उसे खारिज कर दिया था और उसकी जहरीली मानसिकता के ख़िलाफ़ लड़ाई की थी। उसने अपनी राजनीति साधने के लिए इस्लाम पर कब्जा कर लिया था, वो 21वीं सदी में इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन था।"
मुख्यमंत्री फडणवीस ने भाजपा विधायकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है। साथ ही सीएम फडणवीस ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को भी धन्यवाद दिया। महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम पर...
30 अक्टूबर 1990 बताता है कि तुष्टिकरण के नाम पर कथित सेक्युलर जमात के नेताओं ने क्या-क्या कारनामे किए हैं। प्रायश्चित की बजाय कैसे अपने कृत्यों को जायज ठहराया है।
इस हत्याकांड में मारे गए सारे मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बाशिंदे थे। ये सभी किराए के घर में रहते थे। आतंकियों ने उन्हें घर में घुस कर घसीटते हुए बाहर निकाला और फिर गोली मार दी। ममता बनर्जी ने कहा कि वो इस घटना से काफ़ी आहत हैं।