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फैसले से पहले अयोध्या मामले पर बोले पवार: कहा- समुदायों में दरार डालने की हो सकती है कोशिश

अयोध्या मामले का हवाला देते हुए शरद पवार ने राम जन्मभूमि को बड़े तबके के लोगों के लिए आस्था का विषय तो बताया। वहीं 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने को लेकर कहा कि देश के अल्पसंख्यकों में अलग प्रकार की भावना है।

अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले शरद पवार ने इस मामले पर अपना बयान दिया। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बुधवार (अक्टूबर 30, 2019) को कहा कि ‘कुछ ताकतें’ देश में स्थिति का लाभ उठाते हुए समुदायों के बीच में दरार डालने की कोशिश कर सकती हैं।

उन्होंने अपने पार्टी के विधायकों के साथ बैठक के दौरान ये बात कही। जिनका नेता (विधायक दल का) अजीत पवार को चुना जा चुका है। शरद पवार ने इस दौरान सभी वर्गों में शांति बनाए रखने की अपील की

अयोध्या मामले का हवाला देते हुए शरद पवार ने राम जन्मभूमि को बड़े तबके के लोगों के लिए आस्था का विषय तो बताया। वहीं 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने को लेकर कहा कि देश के अल्पसंख्यकों में अलग प्रकार की भावना है।

एनसीपी प्रमुख ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “मैं उनकी भावनाएँ समझ सकता हूँ। कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसे अब वे स्वीकार करेंगे। चाहे फैसला जो भी हो समाज में शांति सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत है।’’

इसके बीच उन्होंने अयोध्या मामले पर आने वाले फैसले को लेकर ये भी कहा कि इस मौक़े का फायदा कुछ ताकतें उठा सकती हैं और समुदायों में दरार डालने की भी कोशिश की जा सकती है। हालाँकि इस दौरान एनसीपी प्रमुख ने किस ताकत को दरार डालने वाला बताया, इसका उल्लेख उन्होंने स्पष्ट अपने बयान में नहीं किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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