लता मंगेशकर ने जब 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाना शुरू किया, तब नेहरू की आँखों में आँसू आ गए। नेहरू ने कहा कि जो इस गाने से प्रभावित और प्रेरित नहीं हो, उसे हिंदुस्तानी कहलाने का कोई हक़ नहीं है। आज लता मंगेशकर का जन्मदिन है। वह 90 वर्ष की हो गईं।
बताया जाता है कि शरद पवार बेटी सुप्रिया सुले को अपने उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं। सालों से पार्टी में निर्णायक भूमिका में रहे भतीजे अजित ने उन्हें बताए बिना विधायकी छोड़ दी है। एनसीपी नेताओं के अनुसार जिस तरीके से पार्टी चलाई जा रही है उससे अजित नाखुश हैं।
डॉ कफील खान पर आरोप लगा था कि मेडिकल कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर नियुक्त होने के बाद भी उन्होंने प्राइवेट प्रैक्टिस जारी रखी और चिकित्सीय लापरवाही बरती। कफील खान इस आरोप पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और उन्हें आरोप में दोषी पाया गया। इसके अलावा...
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने विज्ञापन में लिखा कि कश्मीर में अब तक सुरक्षाबलों के हाथों 60000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दस लाख से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। पत्रकारिता की खातिर न्यूयॉर्क टाइम्स को ये बताना चाहिए कि आखिर जो आँकड़े छापे हैं, वो कहाँ से आए?
ईशा फाउंडेशन ने यह भी बताया कि सद्गुरु को United Nations Convention to Combat Desertification (UNCCD) के COP14 शिखर सम्मेलन में Cauvery Calling अभियान के बारे में बोलने के लिए निमंत्रित किया गया था। वे भारत में इस अभियान की सफलता से प्रभावित हो इसे दुनिया-भर में करने के बारे में जानना चाहते थे।
जैसा अपेक्षित था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में वैश्विक चिंताओं पर गंभीरता दर्शाते हुए बगैर नाम लिए पाकिस्तान और उसे आँख बंद कर समर्थन देने वाले चीन पर भी निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंक के खिलाफ भारत की आवाज में दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता भी है और आक्रोश भी।
घुसपैठ की यह घटना जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से कुछ ही दिन पहले की है। 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से 370 निष्क्रिय करके जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का निर्णय लिया गया था।
कॉन्ग्रेस नेता मानक अग्रवाल के इस बयान को घटिया करार देते हुए यूजर्स सवाल कर रहे हैं कि यदि संघ के लोगों को शादी करनी चाहिए तो फिर कॉन्ग्रेस के राहुल गाँधी कौन सी दुल्हनिया का इंतजार कर रहे हैं?
इस मामले में मीडियाकर्मी हनी ट्रैप रैकेट के शिकार नहीं थे, बल्कि दलाल थे। मीडियाकर्मियों ने कथित तौर पर पीड़ित नौकरशाहों, मंत्रियों और रैकेट की सरगना श्वेता जैन के बीच सौदा करवाने में दलाल के तौर पर मदद की थी।
"विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी खुद प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं इसलिए उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता। ऐसा संभव है कि वह जानबूझकर खान को गलत रास्ते पर ले जा रहे हों। इमरान खान के विदेश में भाषण देने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर बैन लगना चाहिए।"