मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों व अन्य संगठनों द्वारा दिए गए सुझावों को ठुकरा दिया है। आज 'ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड' की बैठक भी हुई। संगठन ने साफ़ कर दिया है कि विवादित ज़मीन को छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है।
दुर्गा-पूजा विसर्जन जुलूस जब साहिबगंज के बाटा रोड से एलसी रोड की तरफ जा रहा था, तभी मुस्लिमों ने पत्थरबाजी की। इससे पहले कि जुलूस एलसी रोड पहुँचता, तब मुस्लिम बहुल इलाक़ा शुरू होने से ठीक पहले स्थित आर्य समाज मंदिर पर पत्थरबाजी की गई।
मिलेनियम डेवेलपर्स और इक़बाल मिर्ची ने मिल कर जिस 15 मंजिला कमर्शियल इमारत का निर्माण किया था, उसे अब सीजे हाउस के नाम से जाना जाता है। उसके शेयरहोल्डर्स में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल का नाम भी शामिल है। ईडी ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ़्तार किया है।
अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। अंदेशा जताई जा रही है कि हिंसा की यह आग और भड़क सकती है। फिर भी लिबरल मौन हैं। ममता बनर्जी सब कुछ ठीक होने का दावा कर रही। और भाजपा नेता ट्वीट कर आँकड़े गिना रहे।
अब्दुल मन्नान ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को दो बार सोनिया गाँधी से मुलाक़ात की थी। मन्नान पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। मन्नान ने मीडिया को बताया कि सोनिया ने राज्य में कॉन्ग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन के लिए हामी भर दी है।
ज्योतिरादित्य की गिनती भी उन नेताओं में होती है जो राहुल के करीबी रहे हैं। तो क्या अगली बारी उनकी ही है? जिस दौर में नेताओं को निष्ठा बदलने में पल भर की देरी नहीं लगती है, उस वक़्त में ज्योतिरादित्य के लिए तो यह दादी के घर वापसी जैसा ही होगा।
सर्च ऑपरेशन 13 अक्टूबर तक चलेगा। ऑपरेशन में सेवा से अलग हो चुके गनमैन को भी शामिल किया गया है। अलर्ट के मद्देनजर गुरदासपुर, बटाला और पठानकोट में आला अधिकारियों की तैनाती की गई है।
मोदी को लेकर आपका नज़रिया क्या है, इस पर राय कायम करने के पहले दो ऐसी घटनाओं की जानकारी ले लेना ज़रूरी है, जब कट्टरपंथियों ने मोदी को जान से मारने की धमकी दी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने उनके गिरफ्तार होने के बाद उन्हें माफ़ कर दिया ताकि उनकी ज़िंदगी न खराब हो।
इसी आन्दोलन से निकले सुशील कुमार मोदी की सत्तर के दशक में पटना के जलजमाव पर अनशन की तस्वीरें नजर आती हैं। अब वो उप मुख्यमंत्री हैं और पटना के जलजमाव से पिछले ही वर्ष की तरह इस वर्ष भी उनका आवास डूबा रहा।
मध्यस्थता के लिए आयोजित इस बैठक का कुछ मुस्लिम संगठनों ने विरोध भी किया। इत्तेहादुल मुस्लिम मजालिस संगठन ने होटल के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब 18 नवम्बर तक फ़ैसला आ जाएगा तो उससे पहले मध्यस्थता का क्या मतलब है?