हमास को दुनिया आतंकवादी संगठन मानती है और बीबीसी पर सवाल उठ रहे हैं कि उसने हमास से जुड़े शख्स के बेटे को क्यों चुना? क्या ये आतंकवादियों को बढ़ावा देने की कोशिश थी?
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट्स में केजरीवाल सरकार की करतूतें उजाकर हो रही हैं। इन रिपोर्ट्स को अरविंद केजरीवाल या आतिशी के मुख्यमंत्री रहते विधानसभा में पेश ही नहीं किया गया।
पहली बार नहीं है जब हिंदू संत या धार्मिक संगठन किसी तरह के परोपकारी कार्य कर रहे हो, सालों से ऐसा हुआ, लेकिन वामपंथियों ने कभी उसका प्रचार नहीं होने दिया।
मस्जिद कमेटी का कहना है कि रमजान 1 मार्च से शुरू हो रहा है, इसलिए मस्जिद को तैयार करना जरूरी है। वे हर साल सफेदी, सफाई, मरम्मत और लाइटिंग का काम करते हैं।
भारत के नजरिए से देखें तो ये खबर थोड़ी निराश करने वाली है। EB-5 में कम पैसा लगाकर भी ग्रीन कार्ड मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जिन भारतीयों ने EB-5 के लिए पैसे जोड़े थे, उनके सपने टूट सकते हैं।