Wednesday, April 15, 2026
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व्हाइट हाउस जाकर जेलेंस्की ने किया अमेरिका का अपमान, ट्रंप पत्रकारों के सामने भड़के: ऑन कैमरा हुई ‘तू-तू, मैं-मैं’, बाद में यूक्रेनी राष्ट्रपति बोले- हमें खेद है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ज़ेलेंस्की पर अमेरिका का अपमान करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ज़ेलेंस्की शांति नहीं चाहते, बल्कि अमेरिका की मदद से फायदा उठाना चाहते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की व्हाइट हाउस में मुलाकात बड़े ड्रामे के साथ खत्म हुई। ये बैठक शुक्रवार (28 फरवरी 2025) को वॉशिंगटन डीसी में हुई थी, लेकिन तय समय से पहले ही ज़ेलेंस्की वहाँ से चले गए। जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द कर दी गई, क्योंकि ट्रंप ने ज़ेलेंस्की पर अमेरिका का अपमान करने का आरोप लगाया।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ज़ेलेंस्की शांति नहीं चाहते, बल्कि अमेरिका की मदद से फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे फायदा नहीं, शांति चाहिए। ज़ेलेंस्की ने ओवल ऑफिस में अमेरिका का सम्मान नहीं किया। जब वो शांति के लिए तैयार हों, तब आएँ।” बैठक में ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ज़ेलेंस्की को रूस-यूक्रेन जंग पर उनकी राय के लिए फटकारा। ज़ेलेंस्की ने अमेरिका को यूक्रेन की मुश्किलों का जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की, लेकिन वेंस ने उन्हें रोक दिया। ये सब मीडिया में दिखाया गया।

बैठक में तनाव तब बढ़ा जब एक पत्रकार ने यूक्रेन की सुरक्षा पर सवाल पूछा। ट्रंप ने कहा, “मैं सुरक्षा की बात नहीं करना चाहता। मुझे बस डील चाहिए। यूरोप अपने लोग वहां भेजेगा। फ्रांस, ब्रिटेन जैसे देश सुरक्षा देंगे। हम खनिज निकालकर अपनी सुरक्षा करेंगे।” ज़ेलेंस्की ने जवाब दिया, “बिना सुरक्षा गारंटी के सीजफायर का कोई फायदा नहीं। पुतिन ने 25 बार सीजफायर तोड़ा है। मजबूत सेना चाहिए, वरना पुतिन नहीं रुकेगा।” ट्रंप भड़क गए और बोले, “आप सीजफायर नहीं चाहते, अपने लोगों को मरवाना चाहते हैं। ये अमेरिका का अपमान है।”

रूस ने इस झगड़े पर खुशी जताई। पूर्व रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने इसे ‘ज़ेलेंस्की के लिए करारा थप्पड़’ बताया। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा, “कीव सरकार तीसरे विश्व युद्ध का खेल खेल रही है। यूक्रेन को मदद बंद होनी चाहिए।” रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा, “ज़ेलेंस्की उस हाथ को काट रहे हैं जो उन्हें खाना देता है।”

टीवी कमेंटेटर व्लादिमीर सोलोव्योव ने इसे ‘ज़ेलेंस्की की व्हाइट हाउस में आत्महत्या; करार दिया। रूस लंबे समय से ज़ेलेंस्की को अमेरिका का पिट्ठू बताता रहा है और अब ट्रंप के साथ अपने रिश्ते बेहतर करने की कोशिश में है। रूसी अधिकारी सर्गेई मार्कोव ने कहा, “ये झगड़ा ज़ेलेंस्की के करियर का अंत तेज करेगा।”

राजनीतिक विश्लेषक रिचर्ज हनानिया ने जेलेंस्की को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बताया कि ये जेलेंस्की ही थी, जिसकी वजह से बातचीत बर्बाद हो गई, वर्ना कुछ ही मिनट में उनके हाथों में यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी हो सकती थी।

हालाँकि जेलेंस्की ने एक्स पर पोस्ट कर अमेरिका, राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य सहयोगियों को शुक्रिया कहा है।

इस बीच, उन्होंने अमेरिकी चैनल फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ये भी कहा कि जो कुछ हुआ, वो नहीं होना था। इसके लिए वो माफी माँगते हैं।

इस घटना से यूक्रेन और उसके यूरोपीय दोस्त चिंतित हैं। उन्हें डर है कि ट्रंप और पुतिन कोई डील कर सकते हैं, जिसमें यूक्रेन को नजरअंदाज कर दिया जाए। ज़ेलेंस्की की स्थिति पहले से कमजोर हो गई है, क्योंकि वो अमेरिकी मदद पर निर्भर हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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