विमर्शों का कोई अंतिम या लिखित निष्कर्ष निकले यह आवश्यक नहीं पर विमर्श हो यह आवश्यक है क्योंकि वर्तमान काल भारतीय संवैधानिक लोकतंत्र की यात्रा के मूल्यांकन का काल है।
26/11 आतंकी हमले में 160 से ज्यादा लोग मारे गए, 300+ घायल हुए थे। इन आतंकियों से लोहा लेते हुए मुंबई पुलिस, होमगॉर्ड, ATS, NSG कमांडों सहित कुल 22 सुरक्षाबलों ने भी अपना बलिदान दिया था।