"ये सब जानते हैं कि अपना देश सनातन धर्म का है, सनातन धर्म कहता है कि सबको जोड़कर रखो, कोई कुछ कहे या DMK वाला कुछ भी कहता रहे। इस पर राय की कोई आवश्यकता नहीं हैं।"
केरल में जन्मे शंकराचार्य ने बाल्यावस्था में ही गृह-त्याग कर के ओंकारेश्वर में शरण ली थी। मान्यता है कि वो 4 वर्षों तक यहाँ रहे थे। 12 वर्ष की उम्र में यहाँ से किया था प्रस्थान।