जब अजित भाजपा के साथ चले गए थे तो सुप्रिया ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस में लिखा था कि पवार परिवार और पार्टी बॅंट गई है। उन्होंने लिखा था, “आप जीवन में किस पर भरोसा करोगे। इतना ठगा हुआ कभी महसूस नहीं हुआ। उनका बचाव किया, उन्हें प्यार दिया। देखो बदले में क्या मिला मुझे।”
फडणवीस के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने निराशा जताई। उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने इन पंक्तियों के माध्यम से अपने दिल की बात रखी है, "पलट के आऊँगी शाखों पे खुशबुएँ लेकर, खिज़ाँ की ज़द में हूँ मौसम ज़रा बदलने दे!"
बाल ठाकरे के निधन के बाद नितिन गडकरी ने कहा था, 'हिंदुत्व का विचार उनका हुँकार था'। मौत के 7 साल बाद उद्धव ठाकरे ने उस हुँकार को चीत्कार में बदल दिया है। बदले में मिली सीएम की कुर्सी, जिसकी बाल ठाकरे कभी रिमोट अपने पास रखते थे।
"मैंने 21 साल तक बिना पद, प्रतिष्ठा या टिकट की माँग के रात-दिन पार्टी के लिए काम किया। लेकिन जब शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कॉन्ग्रेस से हाथ मिला लिया है तो... ज़मीर इजाजत नहीं दे रहा है। आधे-अधूरे मन से कोई काम नहीं करना चाहता, इसलिए इस्तीफ़ा दे रहा हूँ।"
अजित पवार को उम्मीद थी कि भाजपा संग उनके गठबंधन को समर्थन देने के लिए कम से कम 30 विधायक ज़रूर साथ होंगे हालाँकि अंत तक उन्हें सिर्फ 12 विधायकों का ही समर्थन मिल सका। इस सियासी घटनाक्रम में धनंजय मुंडे द्वारा यू-टर्न ले लेने से पवार के फैसले पर काफी असर पड़ा।
फडणवीस ने कहा कि जनता ने गठबंधन को बहुमत दिया लेकिन शिवसेना ऐसी बात पर अड़ी रही, जिसकी कोई बात ही नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना ने भाजपा के बजाय एनसीपी से बात शुरू कर दी और...
NCP के जयंत पाटिल की मानें तो अजित पवार के इस्तीफे से संबंधित खबर का उन्हें पता नहीं है। इसके अलावा खुद अजित पवार के बेटे ने भी इस खबर को नकार दिया है। लेकिन स्थानीय मीडिया ने...
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया है, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सदन में बहुमत साबित करना होगा। उससे पहले सदन के सबसे वरिष्ठतम सदस्य को प्रोटेम स्पीकर चुना जाएगा। शाम 5 बजे तक पूरी प्रक्रिया संपन्न करा ली जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सदन में वोटिंग की विडियोग्राफी कराने के भी आदेश दिए हैं। साथ ही कहा है वोटिंग ओपन बैलेट से होगा। सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य प्रोटेम स्पीकर होंगे।
प्रिया चौहान ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। इसमें उन्होंने कहा है कि राज्य में भाजपा-शिवसेना को जनता ने जनादेश दिया है। इसलिए उन्हें ही मिलकर सरकार बनानी चाहिए।