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न मैंने एनसीपी छोड़ी और न पार्टी ने मुझे निकाला: सुप्रिया सुले के गले लगने के बाद अजित पवार

पुणे की बारामती सीट से 1.65 लाख मतों के अंतर से विधानसभा चुनाव जीतने वाले अजित के लौटने के बाद एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा है, "आखिर में उन्होंने अपनी गलती कबूल ली। यह पारिवारिक मसला है और पवार साहब ने उन्हें माफ कर दिया है। पार्टी में उनकी हैसियत में कमी नहीं आएगी।"

महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र बुधवार को शुरू हुआ। सारी नजरें अजित पवार पर टिकी थी। एनसीपी विधायक दल के नेता रहे पवार ने बीते दिनों भाजपा को समर्थन देकर सबको हैरान कर दिया था। उन्होंने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ली थी। लेकिन, मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

आज जैसे ही वे विधान भवन के परिसर में पहुॅंचे तो सांसद सुप्रिया सुले ने उन्हें गले लगा लिया। अजित एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे तो सुप्रिया बेटी है। सुप्रिया पार्टी विधायकों का स्वागत करने के लिए विधान भवन पहुॅंची थीं।

पत्रकारों से बात करते हुए अजित पवार ने कहा कि वे एनसीपी में थे और अब भी हैं। उन्होंने पार्टी कभी नहीं छोड़ी। पवार ने पत्रकारों से पूछा कि क्या पार्टी ने मुझे निकाला? आपने ऐसी बात कभी सुनी या पढ़ी?

उल्लेखनीय है कि जब अजित भाजपा के साथ चले गए थे तो सुप्रिया ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस में लिखा था कि पवार परिवार और पार्टी बॅंट गई है। उन्होंने लिखा था, “आप जीवन में किस पर भरोसा करोगे। इतना ठगा हुआ कभी महसूस नहीं हुआ। उनका बचाव किया, उन्हें प्यार दिया। देखो बदले में क्या मिला मुझे।”

पुणे की बारामती सीट से 1.65 लाख मतों के अंतर से विधानसभा चुनाव जीतने वाले अजित के लौटने के बाद एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा है, “आखिर में उन्होंने अपनी गलती कबूल ली। यह पारिवारिक मसला है और पवार साहब ने उन्हें माफ कर दिया है। पार्टी में उनकी भूमिका में कोई बदलाव नहीं होगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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