बंगाल में घुसपैठियों और शरणार्थियों की अधिकांश बस्तियाँ उन जगहों पर बसी हुई हैं जोकि राज्य सरकार की हैं। मगर यहाँ बसने वाले लोग दरअसल मूल रूप से भारतीय नहीं हैं इसीलिए उन्हें अक्सर विरोध का सामना करना पड़ता है।
मंगलवार को घटना के कुछ घंटो बाद बनर्जी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा था कि कश्मीर में आतंकी हमलों में मारे गए मुर्शिदाबाद जिले के पाँच श्रमिकों के परिवारों को सभी तरह की मदद दी जाएगी।
इस हत्याकांड में मारे गए सारे मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बाशिंदे थे। ये सभी किराए के घर में रहते थे। आतंकियों ने उन्हें घर में घुस कर घसीटते हुए बाहर निकाला और फिर गोली मार दी। ममता बनर्जी ने कहा कि वो इस घटना से काफ़ी आहत हैं।
तृणमूल कॉन्ग्रेस पर हमले और हुडदंग का सीधा आरोप लगाते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद, रवीन्द्रनाथ टैगोर व नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जैसे रत्न पैदा करने वाली बंगाल की धरती आज हत्यारे और तानाशाही के रवैये वाली तृणमूल के गुंडों का अड्डा बन गई है।
"मैंने उनसे बहुत बार पानी माँगा। मुझे दिख रहा था कि वे सब पानी पी रहे हैं, लेकिन मुझे 14 घंटे तक पानी नहीं दिया। सुबह 4:50 पर वे मुझे बाहर लेकर आए और गाड़ी में डाल दिया। बार-बार पूछने पर भी नहीं बताया कि लेकर कहाँ जा रहे हैं।"
तृणमूल कार्यकर्ता रंजीत मंडल ने 'जय श्री राम' कहा। बस इतनी सी बात पर एक अन्य तृणमूल कार्यकर्ता तारक परोइ गुस्सा हो गया और उसने गालियाँ बकनी शुरू कर दी। वह इतने पर ही नहीं रुका, उसने मंडल की जम कर पिटाई भी की और उसे घायल कर दिया।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने काँपती हुई आवाज़ में कहा कि वो आहत दिल से अपने इस अपमान का जिक्र कर रहे हैं और उन्हें अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर रोना भी आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस अपमान की पीड़ा से बाहर निकलने के लिए उन्हें 3 दिन लगे।
ऐसा बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपित उत्पल ने पुलिस पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उत्पल का कहना है उसने बंधु प्रकाश पाल की इंशोरेंस कंपनी में पैसे लगाए हुए थे। उत्पल ने पुलिस को बताया कि उसे बंधु प्रकाश से 24000 रुपए लेने थे। लेकिन......
चाकुओं से गोदने और रेतने में वही अंतर है जो झटका और हलाल में होता है। एक में पीड़ित को सिर्फ मारना उद्देश्य होता है, एक में तड़पा कर मारना, और शायद कोई मैसेज देना।