फेमिनिज्म इन इंडिया की संस्थापक-सीईओ व एडिटर इन चीफ जपलीन पसरीचा ने साल 2012 में बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर आपत्तिजनक ट्वीट किया था। इसको लेकर उन्होंने 9 साल बाद यानी आज ट्वीट कर माफी माँगी है।
कैबिनेट मंत्री ने बसपा प्रमुख मायावती पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मायावती इस मामले की संवेदनशीलता नहीं समझ रही। शास्त्री ने कहा कि मायावती ने इस मामले में बयान देकर एक दलित बेटी का अपमान किया है।
इसके पीछे 2 सबसे स्पष्ट कारण नज़र आते हैं। पहला, राम मंदिर और दूसरा, विकास दुबे का एनकाउंटर। इन दोनों ही मुद्दों पर राजनीति कर सपा-बसपा ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहती है।