परमबीर सिंह की प्रेस वार्ता के बाद इंडिया टुडे ने ख़ुशी मनाते हुए रिपब्लिक टीवी पर तंज कसना शुरू कर दिया था। जैसे ही इस बात का खुलासा हुआ कि असल एफआईआर में इंडिया टुडे का नाम है उसके बाद इंडिया टुडे के तेवर पूरी तरह बदल गए हैं।
एक और खुलासे के अनुसार, ऑडिट टीम ने पैनल के एक घर का दौरा किया था। जिसके बाद वहाँ रहने वालों ने बताया कि उन्हें इंडिया टुडे 2 घंटे ज्यादा देखने के लिए भुगतान किया जाता था।
हाथरस केस में हमने कुछ लीक ऑडियो पर रिपोर्ट की थी। इसमें से एक ऑडियो में इंडिया टुडे की पत्रकार तनुश्री पांडेय मृतका के भाई संदीप से ऐसा स्टेटमेंट देने के लिए बोल रही थीं, जिसमें मृतका के पिता आरोप लगाए कि उनके ऊपर प्रशासन की ओर से बहुत दबाव था।