यही रवीश कुमार साल 2015 में इन किसानों की हालात पर चिंता जताते हुए बता चुके थे कि मंडियों में किसान आढ़ती के चंगुल में फँसा हुआ है, जहाँ उन्हें गुलाम बनाया जा रहा है।
खुद को 'किसान का बेटा' बता इस्तीफा देने वाले DIG लखविंदर सिंह जाखड़ असल में घूसखोरी का आरोपित है, निलंबित किया जा चुका है। वाह-वाह करने वाली मीडिया के लिए यह कोई तथ्य नहीं है।
द वायर सरीखे एजेंडापरस्त मीडिया समूहों के लिए इस श्रेणी का गिरगिटनुमा विश्लेषण या दावा कोई नई बात नहीं है। प्रोपेगेंडा ही इनका एकमात्र उद्देश्य है भले उसके लिए स्क्रीन पर कुछ अनर्गल ही क्यों न परोसना पड़े।