आज जब राजस्थान के अलवर में योगेश जाटव नाम के दलित युवक की मॉब लिंचिंग की खबर सुर्ख़ियों में है, मुस्लिम भीड़ द्वारा 2 साल पहले हरीश जाटव की हत्या को भी याद कीजिए।
बरजिन्दर सिंह परवाना ने एक वीडियो जारी किया जिसमें वह दीपक सिंह की लिंचिंग को यह कहते हुए जायज ठहरा रहा है कि दीपक ने गुरु ग्रंथ साहिब की ‘बेअदबी’ की है।
बिजली कंपनी के कुछ अधिकारी तुकाराम पवार नामक सिक्योरिटी गार्ड के साथ कनेरी गाँव के कटाई क्षेत्र में गए हुए थे। वहीं ग्रामीणों की भीड़ ने उन सभी की पिटाई की।
साधु हत्याकांड मामले में पुलिस ने कुल 201 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से 75 मुख्य आरोपित हैं। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 14 लोगों को जमानत दी और 18 की याचिका खारिज की।
एक 70 साल के बूढ़े साधु का हँसता हुआ चेहरा आपको याद होगा? पालघर में हिन्दूघृणा में 2 साधुओं और एक ड्राइवर की मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर मीडिया चुप रहा। लिबरल गिरोह ने सवाल नहीं पूछे।