द प्रिंट ने तर्कों की चाशनी में लपेटकर एक लेख प्रकाशित किया है। इसका लब्बोलुबाब यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए विपक्ष फेक न्यूज फैलाए।
सोशल मीडिया समेत ऑपइंडिया के भी कुछ सुझाव हैं कि आने वाले समय में 'नौ बजे नौ मिनट' के नाम पर कैसी दर्द भरी कहानियाँ आ सकती हैं। हमने ये सुझाव वामपंथियों की कम होती क्रिएटिविटी के कारण उन पर तरस खाकर दिए हैं।
बीजेपी के एक सीनियर नेता ने PM CARES पर कॉन्ग्रेस के विरोध को खुद के स्वार्थों से प्रेरित बताते हुए कहा कि वे सिर्फ इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकी PM CARES में PMNRF की भाँति कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को जगह नहीं दी गई है। बीजेपी नेता ने आगे कहा, " इस फंड में बीजेपी से भी कोई नहीं है- ट्रस्ट में जो भी लोग हैं वो सरकार में अपनी पोजीशन की वजह से हैं।"
"सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग से अस्पताल की व्यवस्था हो। इलाज करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा के उपाय किए जाएँ। COVID-19 के उपचार के संबंध में डॉक्टरों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग की सुविधा भी प्रदान की जाए।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कर रहे हैं और देश की जनता को भी इसके लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। आज उनकी कैबिनेट बैठक में इसकी झलक दिखी। साथ ही सोशल मीडिया में कई तस्वीरें सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर किस तरह लोग सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कर रहे हैं।
वैश्विक महामारी से निपटने के लिए लड़ रहे लोगों के प्रति आभार जताने के लिए पीएम मोदी ने जनता से एक अपील की। लेकिन, स्वयंभू महिला पत्रकारों को यह फिजूल की कवायद लग रही। इतना ही नहीं वे इस देश की जनता को भी बेवकूफ बता रही हैं।
इस मुलाकात की वजह नहीं बताई गई है। लेकिन, सीएम बनने के बाद दिल्ली की अपनी पहली यात्रा पर उद्धव ऐसे वक्त में आ रहे हैं जब एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के साथ अनबन की खबरें चर्चा में हैं। इससे महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियॉं अचानक से तेज हो गई हैं।
सोरोस के मुताबिक, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नरेंद्र मोदी भारत को एक हिन्दू राष्ट्रवादी देश बना रहे हैं। मुस्लिम बहुल अर्ध-स्वायत्त कश्मीर पर दंडात्मक उपाय किए और लाखों मुसलमानों को उनकी नागरिकता से वंचित करने की धमकी दे रहे हैं।