इससे पहले पीड़िता के पिताजी ने मंगलवार को कहा था, "दोषियों को जितना जल्दी संभव हो उतनी जल्दी सजा मिलनी चाहिए। कई कानून बनाए गए लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है। निर्भया केस को ही देख लीजिए। दोषियों को फाँसी पर लटकाना चाहिए।"
उत्तरी तेलंगाना में हुए इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी और दलित सड़क पर हैं। परिजनों का कहना है कि अभी तक किसी नेता ने उनकी सुध नहीं ली है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
मौलाना पर कमलेश के हत्यारों को अपने घर में शरण देने का आरोप है। उसने उनकी आर्थिक मदद की। उपचार किया। 20-20 हज़ार रुपए के 2 जमानत एवं निजी मुचलका राशि दाखिल करने पर उसे जमानत दी गई है।
"हमारे समुदाय में अगर कोई अविवाहित लड़की की मृत्यु होती है तो एक पेड़ से उसकी शादी की रस्म निभाई जाती है। अफसोस कि मेरी भतीजी डॉक्टर रेड्डी के मामले में ये भी नहीं हो सका।"
6 साल की एक बच्ची से बलात्कार की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रेप के बाद हत्यारे ने मासूम बच्ची को इस कदर तड़पा-तड़पा कर मारा कि उसकी आँख तक बाहर आ गई। उसे मारने के लिए हत्यारे ने बच्ची के स्कूल बेल्ट से ही उसका गला घोंट दिया।
2011 से 2016 के बीच 107 लोगों ने इस कुप्रथा के चलते अपनी जान गँवाई थी। जबकि इसके बाद भाजपा के शासनकाल में इससे संबंधी आँकड़ों में अच्छी-खासी गिरावट। जून 2016 से लेकर अक्टूबर 2019 तक अंधविश्वास के चलते होने वाली हत्या का आँकड़ा गिरकर 23 पर आ गया।
"मेरी खुद की भी एक बेटी है, मैं 'प्रीति रेड्डी' के परिवार का दर्द समझ सकती हूँ। हैवानियत भरे कृत्य के लिए मेरे बेटे को फाँसी दे दी जानी चाहिए या फिर जिंदा जला दिया जाना चाहिए। अगर अपने बेटे का बचाव करती हूँ तो लोग पूरी जिंदगी मुझसे नफरत करेंगे।"
आरोपित पीड़िता को घसीटकर खेत में ले गए। सॉफ्ट ड्रिंक में व्हिस्की मिलाकर उसे पीने को मजबूर किया। सिर पर वार किया। बारी-बारी से रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी। फिर लाश को लॉरी में डाल लिया, लेकिन दरिंदगी जारी रही...
लगभग 35-वर्षीया महिला की लाश की प्रारम्भिक जाँच में पुलिस को संदेह है कि उसने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी लाश सिद्दुलागट्टा रोड पर एक सुनसान जगह पर पड़ी मिली थी। पुलिस ने बताया कि महिला की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी।