40 साल की दया भील नामक महिला की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने उन्हें इतने निर्मम ढंग से मारा कि उनका सिर, उनके धड़ से अलग मिला और माँस भी नोचा जा चुका था।
रिबिका के शव के टुकड़े का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी उसके साथ हुई क्रूरता से हैरान हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा पोस्टमार्टम अपनी जिंदगी में कभी नहीं किया।
महामुद्दीन खान हिंदू धर्म अपनाने के बाद से टोंटरी गाँव के चामण माता के मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे और यहीं पर रहते थे। 20 दिसंबर को उनकी निर्मम हत्या कर दी गई।
नुपूर शर्मा का समर्थन करने के कारण अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई थी। एनआईए ने बताया है कि उनके 16 साल पुराने साथी युसूफ ने मौत का फरमान निकाला था।