राहुल गाँधी पीएम मोदी पर देश को उद्योगपतियों को बेचने का आरोप लगाते ही रहते हैं। बस इस बार अंबानी-अडानी की लिस्ट में अदार पूनावाला का नाम जोड़ दिया है।
गिद्धों की पाँत फिर से वैसे ही बैठ गई है। फिर से हेडलाइन के आगे प्रश्नवाचक चिन्ह के सहारे वक्तव्य दिए जा रहे हैं। नेताओं द्वारा फ़र्ज़ी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। शायद फिर उसी आकाँक्षा के साथ कि भारत कोरोना के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई हार जाएगा।
अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्युनिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान को जवाब देने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पूर्ववर्तियों से मुखर हैं।
"वो राजा राम मोहन राय जिन्होंने जाति प्रथा के खिलाफ देश को झकझोरा, इस कुरीति को मिटाने के लिए देश को दिशा दिखाई, उनके बंगाल में दीदी ने दलितों को इतना बड़ा अपमान किया है।"
“दीदी, ओ दीदी! बंगाल के लोग यहीं रहेंगे। अगर जाना ही है तो सरकार से आपको जाना होगा। दीदी आप बंगाल के लोगों की भाग्य विधाता नहीं हैं। बंगाल के लोग आपकी जागीर नहीं हैं।”
" इस बार लोग पहले की अपेक्षा बहुत अधिक कैजुअल हो गए हैं। अधिकतर राज्यों में प्रशासन भी कैजुअल नज़र आ रहा है। ऐसे में कोरोना केस की इस अचानक बढ़ोत्तरी ने मुश्किलें पैदा की हैं।"