मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अभी आचार संहिता नहीं लगी है। उसके पहले ही सभा की इजाजत नहीं दी जा रही। ऐसे में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कैसे होंगे।
"हमने देखा है कि पश्चिम बंगाल शांति का नजारा हुआ करता था। लेकिन देर से ही सही यहाँ की हवा जहरीली हो गई है और इसे ठीक करना है। इसीलिए मैंने तृणमूल कॉन्ग्रेस में शामिल होने का फैसला किया।"
ओवैसी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह धार्मिक आधार पर लोगों को बाँट रहे हैं। ओवैसी बंगाली मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। वह धर्म के आधार पर लोगों को बाँटने की कोशिश करते हैं।