पत्रकारों की एक एसोसिएशन के पदाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह यहाँ आयोजित एक विशेष शिविर में 171 मीडियाकर्मियों का परीक्षण किया गया था। जिसमें कम से कम 53 पत्रकार कोरोना संक्रमित पाए गए।
ग्रामीणों को मिलने वाले दो इसी राशन को नक्सली दो हिस्सो में बाँट रहे हैं। एक हिस्सा अपने लिए और दूसरा ग्रामीणों काे दे रहे हैं। बात नहीं मानने पर ग्रामीणों से मारपीट की जा रही है।
बिहार के औरंगाबाद में हेल्थ टीम पर बुधवार को ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया था। गोह थाना क्षेत्र के एकौनी गाँव की इस घटना में स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुँची टीम के कई कर्मियों को चोटें भी आईं।
पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और देखते ही देखते पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के साथ विरोध कर रहे लोगों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम अपनी जान बचाकर वहाँ से मंडी थाने पहुँची।
पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि ये सभी महिलाएँ बाराबंकी की एक मीट फैक्ट्री में काम करने के लिए जा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस चालक और मीट फैक्ट्री के मैनेजर सहित खदरा निवासी आफरीन, नौबस्ता मडियांव निवासी आयशा, हिना, फातिमा, मेसरजहाँ, अजीजनगर निवासी अमीना, डालीगंज निवासी रूही और प्रीति नदर मडियांव निवासी अमीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मेरठ में शनिवार को पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर के जली कोठी को सील कराने के लिए पहुँची थी। इस बीच लोगों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इस दौरान हुए पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट और एक दरोगा घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मस्जिद के मुतवल्ली समेत आठ लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की थी।
वकील प्रशांत भूषण ने 28 मार्च को अपने ट्विटर हेंडल से एक ट्वीट करते हुए लिखा था कि जबरन तालाबंदी के कारण करोड़ों लोग भूखे-प्यासे घर से चले जाते हैं, हमारे हृदयहीन मंत्री रामायण और महाभारत की अफीम का सेवन और भोजन करते हैं।