प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड में चुनाव प्रचार के दौरान 9 रैलियाँ की। पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने 5 सीटों पर जनसभाएँ की और प्रियंका गाँधी ने मात्र एक सीट पर चुनाव प्रचार किया। परिणामों व ट्रेंड के अनुसार इन सीटों की क्या स्थिति है, इसका पूरा डिटेल यहाँ से जानें।
"शनिवार को ही राहुल गाँधी की रीलॉन्चिंग के लिए रैली हुई थी और अगले ही दिन हिंसा भड़क गई। उनके मुताबिक विपक्ष नागरिकता कानून पर हिंदू-मुस्लिम कर विभाजनकारी नीति अपना रहा है और लोगों को गलत जानकारी दी जा रही है।"
झारखंड की एक चुनावी सभा में राहुल गाँधी ने कहा था, “पहले 'मेक इन इंडिया' था, लेकिन अब यह 'रेप इन इंडिया' बन गया है।” इस बयान को लेकर उनकी काफी किरकिरी हुई थी। लोकसभा में भाजपा ने इसके लिए उनसे माफी की मॉंग भी की थी।
सावरकर को लेकर राहुल गॉंधी की टिप्पणी पर भाजपा और शिवसेना का आक्रामक रवैया बरकरार है। इसका असर आज से शुरू हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र पर भी दिखा। इस बीच, केंद्रीय मंत्री अठावले ने राज्य में सियासी भूकंप के संकेत दिए हैं।
"CAB में नागरिकता देने का प्रावधान है लेने का नहीं। गजवा-ए-हिंद के समर्थक केरल, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी या अन्य जगह पर उपद्रव कर रहे हैं। यह गजवा-ए-हिंद के समर्थक हो सकते हैं, हिंदुस्तान के नहीं।"
"यदि राहुल गॉंधी का नाम राहुल सावरकर होता तो हम सबको अपना मुॅंह छिपाना पड़ता। अब हम उम्मीद करते हैं कि उद्धव ठाकरे अपना वादा निभाएँगे। वे कई बार कह चुके हैं कि यदि किसी ने सावरकर का अपमान किया तो वे उसे सार्वजनिक रूप से पीटेंगे। मैं उम्मीद करता हूॅं कि शिवसेना ने सावरकर पर अपना स्टैंड नहीं बदला होगा।"
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि हिंदुत्व विचारक के प्रति श्रद्धा को लेकर कोई 'समझौता' नहीं किया जा सकता है। उन्होंने सावरकर को पूरे देश का आदर्श बताया है। वहीं, भाजपा ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को 'राहुल जिन्ना' का नया नाम दिया है।
"गाँधी खानदान के सदस्य ने कहा है कि महिलाओं का बलात्कार होना चाहिए। देश में हर कोई बलात्कारी नहीं है। जो बलात्कारी है उसे कानून सजा देता है। हर महिला को कलंकित नहीं किया जा सकता है, इस पर एक्शन लेना चाहिए।"
1998 में बंद पड़ी एक कंपनी के अधिग्रहण के लिए 2009 में सेल को मजबूर किया गया। प्रचार ऐसे किया गया मानो बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा। नतीजा सिफर रहा। 10 साल बाद भी जमीन का टाइटल सेल के नाम ट्रांसफर नहीं हुआ है।
उन्होंने भारत को सभी धर्मों का देश बताते हुए कहा कि कोई भी धर्म ऐसा नहीं है, जो घृणा, हिंसा और क्रोध को बढ़ावा देता हो। राहुल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग इस देश को धर्म और संप्रदाय के आधार पर बाँटना चाह रहे हैं। राहुल ने कहा कि जीडीपी की विकास दर मात्र 2% है और बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर है।