आरएसएस से जुड़ा मानहानि का यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या से संबंधित है। राहुल गाँधी ने 2017 में गौरी लंकेश की हत्या को RSS की विचारधारा से जुड़ा और प्रभावित बताया था। इसी मामले में उन पर यह केस दर्ज हुआ था।
इस बार जिस दृढ़निश्चय के साथ राहुल गाँधी अपने इस्तीफे के फैसले पर अड़े हुए हैं, उससे भाजपा और तमाम गाँधी परिवारविरोधी शक्तियों में निराशा की लहर छाई हुई है।
"अगर वित्तीय संसाधनों पर किसी पार्टी विशेष का एकछत्र कब्ज़ा हो तो कोई चुनाव निष्पक्ष हो ही नहीं सकता। अब भारत में सभी सरकारी संगठन न्यूट्रल नहीं रहे हैं और हमारी लड़ाई सबके ख़िलाफ़ थी। RSS सभी संगठनों पर कब्ज़ा करने में सफल हो गया है।"
भावुक कार्यकर्ता बार-बार राहुल गाँधी से इस्तीफा वापस लेने की माँग कर रहा था। उसका कहना था कि अगर राहुल गाँधी इस्तीफा वापस नहीं लेते हैं, तो वो फाँसी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद उसने आत्महत्या करने के लिए खुद को वहाँ एक पेड़ से लटका लिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
त्यागराजन ने तमिलनाडु कॉन्ग्रेस कमिटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर गोपन पर राहुल गाँधी के प्रेस मीट को 50,000 रुपए से 1,00,000 रुपए में बेचने का गंभीर आरोप लगाया है।
शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘‘हमने सुना है कि जब कोई जहाज डूब रहा होता है, तो वह कैप्टन होता है, जो उसे बचाने के लिए अंत तक उस पर रहता है। लेकिन कैप्टन (राहुल गाँधी) कॉन्ग्रेस के जहाज से कूदने वाले पहले व्यक्ति हैं।''
कमलनाथ ने कहा, "कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सही कहा है। मैं नहीं जानता कि कॉन्ग्रेस की इस हार के लिए कौन जिम्मेदार है, लेकिन मैंने पहले इस्तीफे की पेशकश की थी। हाँ, मैं हार का जिम्मेदार हूँ। मुझे दूसरे नेताओं के बारे में पता नहीं है।"
तरुण गोगोई ने बयान दिया है कि यदि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बने नहीं रहना चाहते हैं, तो उनका विकल्प बिना कोई देर किए ढूँढना चाहिए। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े राहुल गाँधी ने बुधवार को 51 सांसदों की माँग भी ठुकरा दी थी। राहुल ने कहा कि वह अब पार्टी अध्यक्ष नहीं रहेंगे।