"चूँकि अब यह स्पष्ट हो गया है कि श्री रामलला एक निर्विवाद मंदिर है, इसलिए उसका शिखर भी मंदिर का था, न कि किसी मस्जिद का गुंबद, तो अनजाने में मंदिर के शिखर को तोड़ने वाले कारसेवकों पर चल रहे बाबरी मस्जिद के गुंबद तोड़ने वाले केस को अविलम्ब सरकार द्वारा समाप्त किया जाए।"
ख़ुर्शीद ने एक लेख में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला 'हिन्दू राष्ट्र' को ख़ारिज करता है। अदालत ने फैसले में कहा है कि वहाँ मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात एएसआई की रिपोर्ट साबित नहीं कर पाई।
बाबर के आक्रमण से वर्षों पहले भी अयोध्या एक तीर्थस्थल था और वहाँ पूजा-पाठ होते थे। यह कैसे साबित हुआ? यह साबित हुआ सिखों के पवित्र साहित्य 'जन्म साखी' से। मतलब जन्मभूमि से भारत के लोगों की भावनाएँ जुड़ी थीं, सिर्फ़ हिन्दुओं की नहीं।
विधि मंत्रालय और अटॉर्नी जनरल से राय लेने के बाद मंदिर निर्माण की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अधिकारियों की एक टीम को फैसले का विस्तृत अध्ययन करने की ज़िम्मेदारी दी गई है ताकि ट्रस्ट के गठन में किसी दिशा-निर्देश की अनदेखी न हो।
सरयू नदी के किनारे भगवान राम की 151 मीटर ऊँची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
10 हजार लोगों के रहने की क्षमता वाला रैन बसेरा बनाया जाएगा। अयोध्या से फैजाबाद को जोड़ने के लिए 5 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा। अयोध्या में मेडिकल कॉलेज खोलने का भी प्रस्ताव है।
राम मंदिर, तीन तलाक और अनुच्छेद 370... देश की सत्ता में 60 वर्ष से अधिक समय तक रहने वाले राजनैतिक दल स्वार्थ और वोट बैंक की राजनीति के चलते इन समस्याओं को सुलझाने के बजाय उलझाकर राजनीति की रोटियाँ सेंकते रहे। भाजपा नीत मोदी की सरकार ने...
ग्रुप में कई आपत्तिजनक मैसेज डाले गए थे। बाबरी ढाँचे के फोटो के साथ उर्दू में मैसेज लिख कर शेयर किया जा रहा है। अंग्रेजी में भी भड़काऊ बातें लिख कर शेयर की जा रही थीं। अकबर उस ग्रुप का एडमिन था। इस ग्रुप में पाकिस्तानी भी शामिल थे।
यह दूसरा मजहब यदि सचमुच सहिष्णु है तो तत्काल कम से कम काशी और मथुरा के मंदिरों को खुद खाली करे और हिंदुओं के साथ वहाँ भव्य मंदिर बनवाए। बाकी, 30 हज़ार मंदिरों की तो बात भी नहीं हुई है….
असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि बाबरी मस्जिद अवैध थी, तो इसे ढहाने को लेकर लालकृष्ण आडवाणी पर मुकदमा क्यों चल रहा है और अगर यह वैध थी, तो आडवाणी को जमीन क्यों दी जा रही है?