"चिन्मयानंद ने उसका बलात्कार किया और जब उसने खुद को बचाने का प्रयास किया तो चिन्मयानंद द्वारा उसके कपड़े फाड़ दिए गए। चिन्मयानंद के आश्रम के सुरक्षा गार्ड सहित 4 लोगों ने इस बात की पुष्टि की है कि..."
अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल के ख़िलाफ़ लगे आरोपों को खारिज करने से इनकार कर दिया था। तेजपाल को नवंबर 2013 में क्राइम ब्रांच ने गिरफ़्तार किया था। मई 2014 के बाद से वह जमानत पर बाहर हैं।
शक्ति की आराधना का पर्व शुरू हो गया है। ऐसे में बुद्ध-महावीर की धरती से इस वीडियो का सामने आना और इसमें पीड़िता द्वारा गिड़गिड़ाते हुए कही गई 2 पंक्तियाँ पूरे देश-समाज को झकझोड़ देने वाली है। सवाल है कि एक ग़रीब मजदूर अपनी बेटी के लिए न्याय माँगते हुए कहाँ-कहाँ भटकेगा?
पीड़िता का मेडिकल करवा कर आरोपितों को पॉक्सो एक्ट के तहत नामजद किया गया है। नाबालिग लड़की जिस जगह मिट्टी लेने गई थी, वह उसके घर से महज 300 मीटर दूर है। लौटते वक्त वह दादी के पीछे-पीछे चल रही थी। तभी आरोपितों ने अचानक से उसका मुॅंह कपड़े से दबा कर...
आरोपित पादरी वसई में एक प्रार्थना सेंटर चलाता है और तरह-तरह के रोगों को ठीक करने के दावे करता रहा है। वह इसके एवज में रुपए लिया करता था। लोग उसके प्रेयर सेंटर में आकर प्रार्थना करते थे और फिर वहाँ उनका 'उपचार' किया जाता था।
मैं जब इस समाज का हिस्सा होने के कारण सोचने लगता हूँ तो पाता हूँ कि ये चलता रहेगा क्योंकि मर्दों के दम्भ की सीढ़ी की अंतिम लकड़ी स्त्री पर अपने लिंग के प्रहार के रूप में ही परिणत होती है। पितृसत्ता का विकृत रूप यही है कि लड़की इस क्रूरतम हिंसा के विरोध में इस तरह से अपनी आत्मा को मार चुकी है कि जो करना है कर लो, पर वीडियो मत बनाओ।
पुलिस की पूछताछ में इस बात का ख़ुलासा हुआ है कि आसिफ़ अपनी हवस को मिटाने के लिए छोटे बच्चों (4-11 वर्ष के) को शिकार बनाता था। आसिफ़ ने पुलिस को बताया कि वो 6 बच्चों के साथ कुकर्म कर चुका है।
दलित लड़की गाँव में ही पास के खेत में चारा काटने गई थी, जहाँ नावेद और अब्दुल ने उसे दबोच लिया और जबरदस्ती उसे एक सुनसान इलाके में ले गए। दोनों ने बंदूक की नोंक पर बलात्कार किया। आरोपितों ने इसका वीडियो भी बनाया और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
इतना सब कुछ सहने के बाद भी पीड़ित बच्ची का दिल अपने माँ-बाप का बुरा सोच कर सिहर उठता है। वो सोचती है कि अगर उसके पिता को सज़ा हुई तो घर का गुज़ारा कैसे चलेगा। घर में बीमार बूढ़ी दादी है, माँ है - इन सबको कौन देखेगा!
एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने कहा था कि चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने के मामले में पीड़ित छात्रा की भी संलिप्तता मिली है। उससे मंगलवार को पूछताछ भी की थी। पीड़िता ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर कर रखी है जिस पर कल सुनवाई होनी है।