यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। अखिलेश मारे गए मो. वकील अहमद के परिजनों से मिलने पहुँचे और संवेदना व्यक्त की।
संभल में मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने उग्र होते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। इस मामले में सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क, एसपी जिलाध्यक्ष फ़िरोज़ ख़ान, स्थानीय पार्षद के पति हाजी मोहम्मद शकील और मुशील ख़ान समेत 17 को नामज़द करते हुए...
अपने ट्वीट में अपर्णा यादव ने जामिया मिलिया, NRC बिल, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और 16 दिसंबर के हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “जो भारत का है उसे रजिस्टर में अंकित होने में क्या समस्या है?”
अब्दुल्ला रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से 2017 में चुनाव जीते थे। नवाब काज़िम ने हाई कोर्ट में उनके निर्वाचन को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि 25 साल से कम उम्र होने के कारण अब्दुल्ला चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे।
आफाक़ ख़ान के ख़िलाफ़ IPC की धारा-342 (ग़लत तरीके से कारावास), 376 (बलात्कार), 500 (मानहानि की सज़ा) और 508 (जो किसी व्यक्ति को ऐसा कार्य करने के लिए कहता है जिसके लिए वो व्यक्ति क़ानूनी रूप से बाध्य नहीं है) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ज्योति यादव के अनुसार पंखुड़ी शादी के लिए उनके पूर्व पति को ब्लैकमेल कर रही थीं। अनिल ने उन्हें बताया था कि विदेश यात्रा के दौरान पंखुड़ी ने एक वीडियो बना लिया था, जिसके कारण वे फॅंस गए हैं।
CBI ने कई सपा नेताओं और IAS चंद्रकला समेत 78 लोगों को नोटिस भेजा। नेताओं में मुख्य रूप से सपा एमएलसी रमेश मिश्रा, पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित का नाम शामिल है। इसके अलावा कई मौरंग माफियों को भी...
जया प्रदा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने और आपत्तिजनक भाषण देने के मामले में कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।
लखनऊ गेस्ट हाउस कांड मामले में मुलायम सिंह यादव, उनके भाई शिवपाल सिंह यादव, बेनी प्रसाद वर्मा और आजम खान सहित कई नेताओं के खिलाफ मायावती की ओर से हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। फिलहाल, मायावती ने सिर्फ मुलायम सिंह यादव पर ही नरमी दिखाई है।
2012 में अखिलेश सरकार बनते ही किसी आईएएस की जगह एक इंजीनियर एपी मिश्रा को यूपीपीसीएल का प्रबंध निदेशक बनाया गया था। इतना ही नहीं सपा सरकार के दौरान मिश्रा को रिटायर होने के बाद भी नियम के विरुद्ध जाकर तीन बार सेवा विस्तार मिला था। एपी मिश्रा ने अखिलेश यादव पर किताब भी लिखी थी।