फेमिनिज्म इन इंडिया की संस्थापक-सीईओ व एडिटर इन चीफ जपलीन पसरीचा ने साल 2012 में बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर आपत्तिजनक ट्वीट किया था। इसको लेकर उन्होंने 9 साल बाद यानी आज ट्वीट कर माफी माँगी है।
"मैं तमिलनाडु को अपना 'आध्यात्मिक घर' मानता हूँ। मेरे मन में हमेशा उन नेताओं और सरकारी अधिकारियों के लिए सर्वोच्च सम्मान रहा है, जिन्हें इस तरह के विविध और विशाल देश को चलाने का काम सौंपा गया है।"
अब जब इजरायल राष्ट्रीय संकट का सामना कर रहा है तो जहाँ भारतीयों की तरफ से इजरायल के साथ खड़े होने के मैसेज सामने आ रहे हैं, वहीं कुछ विपक्ष और वामपंथी ने फिलिस्तीन के साथ एक अलग रास्ता चुना है।
ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर पोस्ट करके ज्योति ने लिखा, "हमारी आखिरी मुलाकात भी अधूरी रही। मुझे नहीं पता कि भगवान को तुम इतने पसंद क्यों आ गए। मेरी जिंदगी जहाँ भी गया तू खुश रह।"
"मैं दुआ करती हूँ कि तुम्हारा कोई परिजन मरे ताकि तुम्हें वो गुस्सा महसूस हो जो कुप्रबंधन और सत्ता की भूखे एजेंडे के कारण अपनों को न बचा पाने की वजह से पैदा होता है।"