यहाँ कट्टरपंथी और वामी-कामी गिरोह सत्तू-नमक बाँध कर बैठा है कि जब तक दो भी जिंदा रहेगा आपसे में ही लड़ मरेंगे, एक ही बचा तो हाथ में तलवार और पैर के अँगूठे और दूसरी उँगली के बीच में कटार फँसा कर लड़ता रहेगा। उसका जन्म ही अराजकता फैलाने के लिए हुआ है, हिंसा उसकी नियति है, हिन्दूघृणा उसका न बदल सकने वाला पाठ्यक्रम है, आग लगाना उसकी मनोवृत्ति है, दंगा उसके लिए मजहबी आयोजन है…
SC ने कहा कि धरना-प्रदर्शन का अधिकार अपनी जगह है लेकिन अंग्रेजों के राज वाली हरकत अभी करना सही नहीं है और धरना-प्रदर्शन निर्धारित जगहों पर ही होना चाहिए।
अदालत ने बुधवार को बाबरी विध्वंस मामले में सभी 32 आरोपितों को बरी कर दिया। वहीं इस फैसले से बौखलाए मुस्लिमों ने सोशल मीडिया पर लोगों से बाबरी ढाँचे के पुनर्निर्माण का आह्वान किया है।
दिल्ली बार काउंसिल (BCD) ने विवादास्पद वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के मद्देनजर 23 अक्टूबर को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है।
संजीव नेवार ने लिखा, “इसी तरह रोहिंग्या घुसपैठ पर मेरी चिंता को भी जो कि सरकारी बयानों पर आधारित है, उसे भी हेट स्पीच के रूप में वर्गीकृत किया गया है।"