अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के खिलाफ 20 याचिकाएँ दर्ज की गई हैं। CJI चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, संजीव खन्ना, बीआर गवई और सूर्यकांत इस संवैधानिक पीठ का हिस्सा होंगे।
"अदालत दिल्ली सरकार को 2 हफ्ते के भीतर एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देती है। हलफनामे में बीते 3 वर्षों में विज्ञापन पर किए गए खर्चों का पूरा ब्यौरा होना चाहिए।"
सीजेआई को जब पता चला कि गुजरात हाईकोर्ट द्वारा सरेंडर की बात कहे जाने के बाद तीस्ता सीतलवाड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट आया है तो उन्होंने इस पर नजर बनाए रखी...।
"तीस्ता सीतलवाड़ ने पीड़ितों और गवाहों का सीढ़ी की तरह इस्तेमाल कर के अपना फायदा कमाया - वो न सिर्फ पद्मश्री से नवाजी गईं, बल्कि उन्हें योजना आयोग के सदस्य का पद भी मिला।"