केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह की माँग करने वाली 15 याचिका का विरोध किया और 56 पेज का हलफनामा दायर करते हुए इन्हें खारिज करने की पैरवी की।
मुख्य न्यायाधीश DY चन्द्रचूड़ इस याचिका पर तुरंत सुनवाई को तैयार हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामले पर मंगलवार (28 फरवरी, 2023) शाम 3:50 बजे सुनवाई होगी।
याचिका में कहा गया है कि मासिक धर्म में महिलाओं को कई तरह की शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। उनके शरीर में हार्ट अटैक जितना दर्द होता है।