"गीता (बदला हुआ नाम) की साड़ी घुटनों से ऊपर खींची हुई थी, ऊपरी शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था, उनके सिर, गले और हाथों पर गंभीर चोट के निशान थे। उनके पति की हालत खराब है। आत्महत्या करने की सोचता है। अब बच्चों का क्या होगा?"
उत्तरी तेलंगाना में हुए इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी और दलित सड़क पर हैं। परिजनों का कहना है कि अभी तक किसी नेता ने उनकी सुध नहीं ली है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
केसीआर ने कहा कि वो इस बात से बहुत दुःखी हैं कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले लोग हमारे ही समाज में, हमारे ही बीच रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये एक भयंकर और अमानवीय घटना है। उन्होंने कहा कि जैसे वारंगल मामले में सुनवाई जल्द पूरी हुई थी, वैसे ही इस बार भी की जाएगी।
शनिवार को चॉंद पीड़िता से मिलने उसके घर पहुॅंचा। उस वक्त घर में पीड़िता अकेली थी। उसने पीड़िता के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की। इसी दौरान वह अचेत हो गई और चॉंद उसके घर से भाग खड़ा हुआ।
बहावलपुर के रेगिस्तानी इलाके में पकड़े गए दो भारतीय। एक हैदराबाद का सॉफ्टेवयर इंजीनियर तो दूसरा मध्य प्रदेश का किसान। किसान ने बताया कि बॉर्डर देखने की इच्छा थी, गलती से सीमा पार कर गया।
पुलिस ने बताया कि रजिया खातून और उसके पति सिराजुद्दीन दोनों पश्चिम बंगाल के मूल निवासी हैं। पूछताछ के दौरान रजिया ने कबूल किया कि वो अपने तृपति सिराजुद्दीन के साथ हैदराबाद में देह व्यापार का धंधा करने के लिए आई थीं। वो लोग पिछले 6 महीने से चोरी-छिपे रैकेट चला रहे थे।
डॉ जगन के हैदराबाद के तरनाका स्थित निवास पर ली गई तलाशी के दौरान भड़काऊ सामग्री, माओवादी पार्टी के लेटरहेड और प्रतिबंधित साहित्य बरमाद हुई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सुरक्षा गार्ड छात्राओं की कुर्ती की लंबाई जाँच कर उन्हें कॉलेज में प्रवेश दे रही थीं। छात्राओं से कहा गया कि यह नियम इसलिए लागू किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें अच्छे शादी के प्रस्ताव मिल सकें।
"कोई भी मंदिर की पवित्रता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। ख़ुद की तुलना भगवान से करने का हक़ किसी को नहीं है। टीआरएस का चुनाव चिह्न कार चाप को उकेरा जाना असंवैधानिक है। यह धर्म को राजनीति से मिलाने की एक साज़िश है।"
पुलिस अधिकारी इस शर्मनाक कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों के बारे में जानकारी साझा करने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि सभी ऐंगल से जॉंच जारी है। बताया जाता है कि कालिख पोतने वालों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए थे।