यूरोप पर कट्टरपंथी आतंकियों के केमिकल अटैक के अलावा 2020 जिन बड़ी और वैश्विक घटनाओं को लेकर उन्होंने भविष्यवाणी की है, उनमें ये दो भी प्रमुख हैं - (i) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर हमला होगा (ii) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संदिग्ध बीमारी का शिकार होंगे, जिससे वो...
स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजम, सैफुर्रहमान और मोहम्मद सलमान को दोषी करार दिया था। इस ब्लास्ट के 2 अन्य आरोपित दिल्ली के बटला हाउस में 2008 में हुए एनकाउंटर में मार गिराए गए थे। एक आरोपित शाहबाज हुसैन को अदालत ने...
बरखा दत्त ने एक इंटरव्यू में कबूल किया था कि मुंबई हमले के दौरान टीवी चैनलों और उनके पत्रकारों ने जिस तरह की रिपोर्टिंग की उससे सैकड़ों लोगों की जान ख़तरे में आ गई थी। यहॉं तक कि सुरक्षा बलों के जवानों की जान भी ख़तरे में पड़ गई थी।
पडसलगीकर ने मुंबई हमलों की जॉंच में बेहद अहम भूमिका निभाई थी। पाकिस्तान की संलिप्तता के सबूत जुटाए थे। अमेरिका से 'वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल' हासिल कर आतंकियों और उनके आकाओं के बीच हुई बातचीत की जाँच की थी।
जिस उद्धव ठाकरे के विधायक आज सोनिया गाँधी के नाम पर शपथ ले रहे हैं, उन्होंने ही कभी जवानों के अपमान का आरोप लगा कर राहुल गाँधी से पूछा था कि वो 26/11 के वक़्त कहाँ थे? 26/11 के बाद चर्चित रही थी राहुल गाँधी की 'पार्टी ऑल नाइट' और प्रियंका के बेतुके बयान।
पूरी दुनिया में आईएसआईएस की 20 से भी अधिक शाखाएँ सक्रिय हैं। इनमें आईएसआईएस-के सबसे ज्यादा खूँखार है। आईएसआईएस के इस समूह में 4,000 आतंकियों के शामिल होने की आशंका है।
आतंकवादियों ने यह ग्रेनेट हमला उस वक्त किया जब लोग बााज़ार में ख़रीददारी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि यहाँ लगी रेहड़ियों से लोग फल-सब्ज़ियाँ लेने आते हैं और अक्सर यहाँ भीड़ लगी होती है।
सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सक्रियता के कारण आतंकी अब तक अपने मंसूबों में नाकाम रहे हैं। लेकिन, राष्ट्रीय सुरक्षा के रणनीतिकारों का मानना है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी गुट ठंड बढ़ने पर हमले की कोशिश करेंगे।
इस हत्याकांड में मारे गए सारे मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बाशिंदे थे। ये सभी किराए के घर में रहते थे। आतंकियों ने उन्हें घर में घुस कर घसीटते हुए बाहर निकाला और फिर गोली मार दी। ममता बनर्जी ने कहा कि वो इस घटना से काफ़ी आहत हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को क़रीब दो दिन पहले ख़ुफ़िया विभाग से इस तरह की जानकारी मिली है। जानकारी मिलने के बाद हिन्दू नेताओं, आरएसएस के पदाधिकारियों और राजनेताओं की सुरक्षा की समीक्षा शुरू कर दी गई है।