इससे पहले, कश्मीर के अनंतनाग में 5 अक्टूबर को भी आतंकियों ने एक ग्रेनेड हमले की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें क़रीब 14 लोग घायल हुए थे। इस हमले में घायल हुए लोगों में एक पत्रकार और एक ट्रैफ़िक पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
2013 में बिहार के बोधगया मंदिर में बम धमाके के मास्टरमाइंड आतंकवादी आतंकी संगठन के 6 साल से फरार चल रहे आतंकवादी को पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है।
सर्च ऑपरेशन 13 अक्टूबर तक चलेगा। ऑपरेशन में सेवा से अलग हो चुके गनमैन को भी शामिल किया गया है। अलर्ट के मद्देनजर गुरदासपुर, बटाला और पठानकोट में आला अधिकारियों की तैनाती की गई है।
जम्मू-कश्मीर का माहौल बिगाड़ने के लिए आतंकी कई तरह की साजिशें रच रहे हैं। हालॉंकि अब तक उन सारे मंसूबे सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण नाकाम रहे हैं। आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ की भी लगातार कोशिश कर रहे हैं।
दिल्ली में आतंकी गतिविधि को अंजाम देने के लिए गुप्त योजना पाँच दिन पहले क़रीब 900 किलोमीटर दूर कश्मीर में सेब के बाग में तैयार हुई। इसका खाका आतंकी संगठन जैश के जम्मू-कश्मीर कमांडर अबु उस्मान ने तैयार किया और इस गुप्त योजना को नाम दिया ‘डी’।
खुफिया एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के 8 से 10 आतंकियों वाले एक मॉड्यूल को लेकर अलर्ट जारी किया है। आशंका है कि ये आतंकी भारतीय वायु सेना के ठिकानों को तबाह करने के लिए जम्मू-कश्मीर के आसपास आत्मघाती हमले को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं।
बीते साल इसी तरह पेरिस में अज्ञात हमलावरों ने आम लोगों को निशाना बनाया था। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली थी। 2017 में मिलान के ही रेलवे स्टेशन पर सेना और रेलवे पुलिस के अधिकारियों पर भी हमले हुए थे।
पत्र में रोहतक जंक्शन, रेवाड़ी, हिसार, कुरुक्षेत्र, मुंबई सिटी, बंगलुरू, चेन्नई, जयपुर, भोपाल, कोटा, इटारसी रेलवे स्टेशनों और राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, एमपी, यूपी व हरियाणा सहित छह राज्यों के मंदिरों को निशाना बनाने की बात कही गई है।
65 वर्षीय गुलाम मोहम्मद जब रात में अपनी दुकान बंद कर रहे थे, तभी कुछ लोग मोटरसाइकिल पर आए और उन पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चला दी। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।