श्रीनगर के एक पूर्व आतंकी का कहना है कि अगर यह 1947 में हो गया होता तो आज शायद वो संसद या एसेंबली में होते। उन्होंने कहा कि ब्लैकमेल और मजहब की सियासत के कारण ही उनके जैसे कई युवाओं ने राह भटक कर बंदूक उठा ली और कुछ अब भी उठा रहे हैं।
लश्कर के 6 आतंकवादियों के तमिलनाडु में घुसने की खुफिया रिपोर्ट के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। सभी आतंकवादी मुस्लिम हैं, लेकिन हिंदुओं की वेशभूषा में वे भारत में घुसे हैं। उन्होंने तिलक और भभूत लगा रखा है।
FATF ने पाकिस्तान से अक्टूबर 2019 तक अपने एक्शन प्लान को पूरा करने के लिए कहा था, इसके लिए पाकिस्तान के प्रति FATF का रुख़ बेहद सख़्त था। एक्शन प्लान में जमात-उद-दावा, फलाही-इंसानियत, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और अफ़गान तालिबान जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग पर रोक लगाने जैसे कई क़दम शामिल थे।
श्रीलंका से इन आतंकियों ने समुद्र के रास्ते से भारत में प्रवेश किया है। ये सभी आतंकवादी मुस्लिम हैं लेकिन हिंदुओं की वेशभूषा में ये भारत में घुसे हैं। इन्होंने लोगों को बेवकूफ़ बनाने के लिए तिलक और भभूत भी लगाया हुआ है।
दहशतगर्दी के शुरुआती दिनों में आतंकियों को हीरो समझा जाता था। उन्हें मुजाहिद कहकर सम्मान भी दिया जाता था। लोग अपनी बेटियों की शादी इनसे करवाते थे लेकिन जल्दी ही कश्मीरियों को यह एहसास हुआ कि आज़ादी की बंदूक थामे ये लड़ाके असल में जिस्म को नोचने वाले भेड़िये हैं।
कुछ दिन पहले जाँच एजेंसी को शेख के इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र के कोहिनूर कालोनी में होने की खबर मिली। जब जाँच की गई तो पता चला आतंकी वहाँ रहकर मजदूरी करता है। जिसके बाद एजेंसी के अधिरापी भी सब्जी वाले की वेशभूषा में आकर उसकी धड़-पकड़ में जुट गए।
हर्षपाल और उनकी टीम ने जम्मू में झज्जर-कोटली में पिछले सितंबर में तीन आतंकवादियों का ख़ात्मा किया था। मुठभेड़ में गोली और छर्रे लगने से वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे, पर वो आतंकियों के सामने मज़बूती से डटे रहे और उन्हें मार गिराने तक पीछे नहीं हटे।
जाँच एजेंसी ने बर्दवान धमाके को भारत में JMB की बड़ी साज़िश का हिस्सा बताया था। उसके मुताबिक भारत में लोगों को उग्रवाद की ओर मोड़ने, उनकी JMB में भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग और हथियार मुहैया कराने के मकसद से हो रहे इस ऑपरेशन का अंतिम ध्येय भारत और बांग्लादेश में आतंक फ़ैलाने और इन देशों की लोकतान्त्रिक ढंग से चुनी गई सरकारों के खिलाफ जंग छेड़ना था।
पेरिस स्थित काला धन रोकने के लिए बने संगठन FATF ने अपनी फ्लोरिडा मीटिंग के दौरान कहा था कि पाक उसके द्वारा निर्देशित कदमों को उठाने में असफल रहा है। अब पाक के पास आतंकियों तक पहुँच रहे पैसों को रोकने के लिए अक्टूबर तक का ही समय है, जिसके बाद उसे काली सूची में डाला जा सकता है।
आतंकी मुंबई में हमले करने की फिराक में हैं। ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सरकार को इस बाबत आगाह किया है। मुंबई भारत की वित्तीय राजधानी कही जाती है और वहाँ स्थित स्थलों को पहले भी आतंकियों द्वारा निशाना बनाया जा चुका है।