राजदान ने सज़ा-ए-मौत का विरोध करते हुए लिखा कि फाँसी की सज़ा को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अफजल गुरु को 'बलि का बकरा' बनाए जाने का आरोप लगाते हुए इस मामले में उच्च-स्तरीय जाँच की माँग की। उन्होंने आतंकी अफ़ज़ल के निर्दोष होने का अंदेशा जताया।
सितंबर 2009 में आइएसआइ एजेंट इम्तियाज सचेंडी से पकड़ा गया था। सितंबर 2009 में बिठूर से आइएसआइ एजेंट वकास गिरफ्तार किया गया। सितंबर 2011 में आइएसआइ एजेंट फैसल रहमान उर्फ गुड्डू को एटीएस ने रेलबाजार से गिरफ्तार किया।
आतंकियों ने पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखी थी। नंबर प्लेट पर कालिख पोत दी थी। मोबाइल घर पर ही छोड़ दिया। एक के ऊपर एक 3 टी शर्ट पहनी। घटना को अंजाम देते वक्त जो शर्ट पहनी थी उसे बीच रास्ते पेट्रोल डाल जला दिया। हथियार झील में फेंक दिए। बावजूद उन तक पुलिस पहुॅंच ही गई।
चलने-फिरने में असमर्थ लेकिन हत्या, बलात्कार, धर्म के नाम पर कत्लेआम और धार्मिक विरासत स्थलों को नष्ट करने का आदेश देता था यह ISIS आतंकी मुफ्ती। रेप के बाद लड़कियों-औरतों को गुलाम बनाने के लिए भी दिया था फतवा।
परोल पर बाहर निकलने के बाद जलीस मुंबई अपने घर आया था। लेकिन, परोल खत्म होने से ठीक पहले वह गायब हो गया। उसके बेटे ने पुलिस को बताया था कि वह नमाज पढ़ने की बात कह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
10वीं पास मोइनुद्दीन बेचता था कबाड़। हिंदू लड़की इंदिरा गाँधी को प्रेम जाल में फँसा की थी शादी। लेकिन जिहाद के लिए दे दिया तलाक। फिर जबरन कई दलितों से उसने इस्लाम कबूल करवाया। हिंदू नेता की मौत करवाकर वो तमिलनाडु में ISIS समूह का बन गया था सरगना।
तीनों आतंकी आपस में बातचीत करने के लिए ऐसे ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसमें कम्युनिकेशन खत्म होते ही टेक्स्ट अपने-आप डिलीट हो जाते थे। इन्हें शहर की दीवारों पर लगे पोस्टरों से बड़े नेताओं की जानकारी जुटानी थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआईएस के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये दिल्ली-एनसीआर और यूपी में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जफर अली भी इसी आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है।
23 वर्षीय आतंकवादी निसार अहमद डार हाजिन के वहाब पर्रे का रहने वाला है। इस बात का भी पता चला है कि वो पिछले कुछ समय से आतंकियों को हथियार सप्लाई करता था। आतंकी निसार के ख़िलाफ़ 2017 से लेकर 2019 तक आठ FIR दर्ज है।
यह प्रश्न कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्वाचन क्षेत्र गुना के सरकारी कॉलेज में एमए राजनीति शास्त्र की 20 दिसंबर को हुई परीक्षा के दौरान पूछा गया था। जिसके प्रकाश में आने के बाद न सिर्फ छात्र संगठन बल्कि भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करने शुरु कर दिए।