"जब उनसे आईडी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दिखाने से मना कर दिया। वह यहाँ का माहौल बिगाड़कर धर्म के नाम पर खेल करवाना चाह रहे थे। हम यहाँ बरसों से रह रहे हैं। यहाँ सभी प्यार से रहते हैं यहाँ ऐसा कुछ नहीं है।"
'द वायर' की रोहिणी सिंह के अनुसार, बाईं तरफ उनके बेटे ने एक हरे रंग के मस्जिद का चित्र बनाया और उसके बगल में ही एक मंदिर का चित्र बनाया, जो लाल रंग की है।
‘द वायर’ और ‘द हिंदू’ जैसी कुख्यात वामपंथी वेबसाइटों में रोजगार प्राप्त करने की एकमात्र शर्त हिंदूफोबिक विचारों को पोषित और प्रकट करना है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हिंदू-विरोधी प्रवृत्ति लंबे समय से इन वेबसाइटों से जुड़े पत्रकारों और लेखकों की पहचान रही है।