योगी समेत तत्कालीन विधायक व मेयर पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया था। इससे पहले हाईकोर्ट ने भी योगी आदित्यनाथ पर मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी थी।
मोहम्मद हारून नाम का वकील हमीरपुर की जिला अदालत में नियुक्त महिला जज को गंदे मैसेज भेजता था। जज ने इस संबंध में उसे चेतावनी भी दी थी, लेकिन उसने एक नहीं सुनी।