Homeदेश-समाजशौहर की प्रताड़नाओं से तंग आकर सकीना बन गई प्रिया: इस्लाम छोड़ पंकज के...

शौहर की प्रताड़नाओं से तंग आकर सकीना बन गई प्रिया: इस्लाम छोड़ पंकज के साथ बिता रही जिंदगी, 1 साल से खोज रही थी UP पुलिस

पुलिस को जब सकीना मिली तो वह प्रिया बन चुकी थी। अब्दुल के घर से 33 किलोमीटर दूर उसका नया ससुराल है। वह अब पंकज के साथ ही रहना चाहती है।

जिस मुस्लिम महिला को उत्तर प्रदेश की पुलिस करीब सालभर से खोज रही थी, वह अब हिंदू बन चुकी है। इस्लाम छोड़ सकीना ने हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया है। उसका नया नाम प्रिया है। उसने पंकज नाम के एक हिंदू युवक से शादी भी कर ली है। उसने पुलिस से कहा है कि वह पंकज के साथ खुश है और अब अपनी पुरानी जिंदगी तथा मजहब में नहीं लौटना चाहती है।

मामला महराजगंज जिले का है। सकीना ने शौहर अब्दुल की प्रताड़नाओं से तंग आकर घर छोड़ा था। प्रिया बन चुकी महराजगंज जिले के सोनौली की सकीना का कहना कि वह अपनी नई जिंदगी और पहचान से बेहद खुश है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला साल 2021 का है। ससुराल से गायब हुई सकीना की पुलिस पिछले एक वर्ष से तलाश कर रही थी। मिलने के बाद सकीना उर्फ प्रिया ने पुलिस को बताया 2020 में उसका निकाह उसके ही रिश्तेदार अब्दुल से हुआ था। निकाह के कुछ महीनों बाद ही झगड़ा शुरू हो गया। अब्दुल उसे मारता-पीटता था।

सकीना ने अब्दुल को कई बार समझाने का प्रयास किया। लेकिन हालात नहीं बदले। उसने इस बात की शिकायत कई बार अपने परिवार वालों से भी की। लेकिन उसे हर बार समाज और इज्जत का हवाला देकर चुप करा दिया जाता था। आखिरकार तंग आकर सकीना ने जनवरी 2021 में अब्दुल का घर छोड़ दिया। सोनौली कोतवाली में 2 फरवरी 2021 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

पुलिस ने सकीना की तलाश में ऑपरेशन शुरू किया। जब वह मिली तो प्रिया बन चुकी थी। अब्दुल के घर से 33 किलोमीटर दूर उसका नया ससुराल है। वह अब पंकज के साथ ही रहना चाहती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चंदन गुप्ता याद हैं? जिन्हें ‘भारत माता की जय’ बोलने पर मुस्लिमों की भीड़ ने उतारा मौत के घाट: समझें वंदे मातरम बिल की...

चंदन गुप्ता हत्याकांड को समझने के लिए जरूरी माना जाता है कि वंदे मातरम् बिल में संशोधन की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बीच अल्पसंख्यक संस्थानों में आरक्षण पर बहस, AMU-JMI में भी कोटा सिस्टम लागू नहीं: समझें इस ‘दोहरी व्यवस्था’ पर क्यों...

बहस इस बात की है कि मुस्लिम जातियाँ अन्य संस्थानों में OBC आरक्षण का लाभ लेती हैं, लेकिन अपने संस्थानों में हिंदुओं को मौका क्यों नहीं देती?
- विज्ञापन -